सिटी पोस्ट लाइव :पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कैदी चंदन मिश्रा को शूट आउट में ढेर करनेवाले सभी 5 शूटरों की पहचान पुलिस ने कर ली है. इस शूट आउट को लीड करनेवाले शूटर की पहचान तौसीफ उर्फ बादशाह के रूप में हुई है.पुलिस गैंगवार की आशंका जता रही है और मामले की जांच कर रही है. घटना के बाद उनके करीबी और दोस्त अस्पताल पहुंच गए. अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. काफी गुस्से में थे. कुछ देर हंगामा भी किया और पुलिस से तनातनी भी हुई. शाम को आक्रोशित स्वजनों ने फिर हंगामा किया. कुछ मिनट के लिए नेहरू मार्ग जाम कर दिया. बाद में पुलिस ने उन्हें रास्ते से हटाया.अस्पताल में हंगामा करनेवाले चंदन के दर्जनों समर्थकों को पुलिस ने शास्त्री नगर थाने में रखा है. समर्थकों का आरोप है कि इस हत्या में अस्पताल की मिलीभगत है.रिश्तेदार पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं.उनका आरोप है कि पैरोल पर जेल से बाहर निकले चन्यादन मिश्रा के पारस अस्पताल में ईलाज कराने को सूचना पुलिस को दी गई थी लेकिन उसकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं हुई.
गौरतलब है कि गुरुवार की अहले सुबह राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने पारस एमएमआरआई हॉस्पिटल के प्राइवेट वार्ड में भर्ती कैदी चंदन मिश्रा को बेड पर ही गोलियों से भून डाला . घटना को पांच शूटरों ने अंजाम दिया और सभी के हाथ में ऑटोमैटिक पिस्टल थे.सबसे बड़ी बात किसी शूटर ने अपना चेहरा छुपाने की कोशिश नहीं की. चार ने टोपी पहन रखी थी, एक लंबे बाल व दाढ़ी वाला शूटर सबसे आगे था, कुछ सेकंड में कमरा नंबर 209 में भर्ती कैदी को ताबड़तोड़ गोली मारकर आराम से भाग निकले. फायरिंग की आवाज सुनकर बगल के कमरे में भर्ती मरीज के तीमारदार बाहर निकले, परंतु शूटरों को टोकने का साहस नहीं कर सके.
फायरिंग में कैदी के साथ अटेंडट के रूप में मौजूद एक व्यक्ति की पीठ और पैर में गोली के बारूद के छींटे लगे हैं. पुलिस ने फुटेज में दिख रहे सभी शूटरों की पहचान कर ली है.पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनमें फुलवारीशरीफ के तौसीफ उर्फ बादशाह, मन्नू, सूरजभान और भिंडी उर्फ बलवंत सिंह है.यह भी पता चला है कि बादशाह का एक दोस्त दुर्घटना में गंभीर जख्मी होने के बाद पारस में ही भर्ती है. सीसीटीवी फुटेज में दिख पांच शूटरों में एक का नाम तौसीफ उर्फ बादशाह बताया जा रहा है, जिसका चेहरा मैच कर रहा है. वह फुलवारीशरीफ का निवासी हैं, जो हाल के दिनों में पटना सिटी में भी ठिकाना बनाए हुए था.
पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में फुलवारीशरीफ के खललिपुरा, गुलिस्तान मोहल्ला और पारस अस्पताल के समनपुरा में छापामारी किया, जबकि तीन शूटर बक्सर के बताए जा रहे हैं. पुलिस की दो टीमें बक्सर की तरफ शूटरों पीछा कर रही है. इसके साथ ही पटना सिटी में भी दबिश दे रही हैं.
एसआईटी इसमें कुछ शूटरों के कुछ करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस ने यह भी दावा किया है कि चंदन जब भागलपुर जेल में था तब सहयोगी शेरू से मारपीट भी हुई थी. पुलिस भी प्रारंभिक जांच में यह मान रही है कि आपसी गैंगवार में ही उक्त घटना को अंजाम दिया गया.पुलिस सूत्रों की मानें तो इसमें फुलवारी शरीफ का कुख्यात तौसीफ उर्फ बादशाह के साथ ही मन्नू, सूरजभान और भिंडी उर्फ बलवंत सिंह नाम सामने आ रहे हैं. जबकि एक अन्य नाम के दो शूटर हैं, जिनका सत्यापन करने पुलिस उनके घर से लेकर रिश्तेदारों के यहां पहुंच रही है.घटना को अंजाम देने के लिए दो गैंग का हाथ मिलाने और लोकल शूटर को इसमें शामिल करने की आशंका जताई जा रही है. फुटेज में शूटरों में जो सबसे आगे सफेद शर्ट और दाढ़ी में नजर आ रहा है, उसका चेहरा पूरी बादशाह से मिल रहा है.
पुलिस उसके नंबर का आखिरी लोकेशन निकालने के साथ ही उसके करीबियों से पूछताछ कर हाल के दिनों में वह किस गिरोह के संपर्क में था, इसके बारे में जानकारी जुटा चुकी है. संदेह के आधार पर पुलिस उसके घर से लेकर ठिकानों पर दबिश दे रही है.इसमें भिंडी उर्फ बलवंत सिंह बक्सर का बताया जा रहा है. पुलिस पांचों शूटरों के करीब पहुंच चुकी है, जिनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है या फिर वो मुठभेड़ में मारे जा सकते हैं. आशंका जताई जा रही है कि चंदन मिश्रा की हत्या भी सुपारी किलिंग के तहत करवाई गई है.हालांकि पुलिस अभी किसी भी आरोपित का नाम उजागर नहीं की है. तौसीफ उर्फ बादशाह पूर्व में जेल जा चुका है. ऐसे में पुलिस यह भी पता कर रही है कि कहीं तौसीफ और चंदन के बीच बेउर जेल में किसी बात को लेकर विवाद तो नहीं चल रहा था.