सिटी पोस्चंट लाइव :चंदन मिश्रा हत्याकांड में लगातार बड़े बड़े राज आमने आ रहे हैं.चंदन मिश्रा हत्याकांड के तार अब गयाजी जेल से जुड़ने लगे हैं. शेरू का राइट हैंड बक्सर निवासी अमित गयाजी जेल में बंद है. शेरू के कहने पर बलवंत और राजेश दोनों घटना से पहले अमित से मिलने के लिए गयाजी जेल गए थे. अमित के कहने पर राजेश ने बक्सर से शेरू और अमित के गुर्गों से हथियार लिया, फिर शूटरों को दिया था. चंदन की हत्या के बाद शूटरों ने सभी हथियार राजेश को दानापुर इलाके में जाकर दे दिया और वहीं से सभी अपने-अपने ठिकाने पर फरार हो गए थे. इसी मामले में पुलिस मेन शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह, उसके मौसेरे भाई नीशू खान, नीशू के दो स्टाफ भीम और हर्ष, शूटर धन्नू, बलवंत, रविरंजन के अलावा अभिषेक और राजेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
शेरू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दिया है. शेरू पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद है. गिरफ्तार शूटरों तौसीफ उर्फ बादशाह, विजयकांत पांडेय उर्फ रुद्रा पांडेय उर्फ धन्नू, रवि रंजन और बलवंत ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि शेरू ने ही चंदन मिश्रा की हत्या की साजिश रची थी. उसी ने सभी शूटरों को 5-5 लाख की सुपारी दी थी.हालांकि हत्या के बाद इन शूटरों को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली. रिमांड पर शेरू को लाने के बाद पुलिस उससे यह उगलवाएगी कि किस तरह पूरी वारदात को कराया गया? इस हत्या के पीछे और कौन-कौन हैं? सुपारी किसके इशारे पर दी गई थी? चंदन से किस-किस बात को लेकर विवाद था? 17 जुलाई को पारस अस्पताल में 28 गोलियां मारकर बक्सर के कुख्यात चंदन मिश्रा की हत्या कर दी गई थी.
इस कांड में एक और शूटर मोनू को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी और एसटीएफ की टीम दिल्ली, यूपी से लेकर आसपास के इलाकों में छापेमारी में जुटी है. मोनू के अलावा इस घटना में शामिल चार अन्य को गिरफ्तार करने के लिए बक्सर, भोजपुर, बिहटा आदि इलाकों में दबिश दिए हुए है. करीब एक महीने के बाद भी पुलिस घटना में इस्तेमाल 8 हथियार बरामद नहीं कर सकी है.गौरतलब है कि जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया उसकी वरामदगी बहुत मायने रखती है.