Bihar Crime:
सिटी पोस्ट लाइव: अक्सर अपराधिक वारदातों की खबर आती रहती है और पुलिस पर सुस्ती बरतने या अपराध पर लगाम नहीं लगा पाने का आरोप लगता रहा है.लेकिन जब पुलिसवाले ही अपराध करने लगें तो उन्हें कौन कण्ट्रोल करेगा? पूर्णिया से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. खजांची हाट थाना की गश्ती पुलिस, जो सुरक्षा के लिए तैनात थी वह खुद लोगों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई.खबर के अनुसार चुन्नी उरांव चौक पर वाहन चेकिंग के नाम पर पुलिसकर्मियों ने एक युवक से धमकी देकर 1 लाख 10 हजार रुपये जबरन छीन लिए.
इसे लूट नहीं तो और क्या कहेगें आप? इस वारदात ने पुरे पुलिस महकमे की साख का गार्डा उदाहरण दिया है. पीड़ित अभिनंदन यादव ने खजांची हाट थाना में शिकायत दर्ज कराई है., जिसमें उन्होंने बताया कि गश्ती पुलिस ने चुन्नी उरांव चौक के पास वाहन चेकिंग के दौरान पहले उन्हें धमकाया और फिर जबरदस्ती उनकी जेब से 1 लाख 10 हजार रुपये छीन लिए. इस शिकायत ने पूर्णिया पुलिस को तुरंत हरकत में ला दिया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्तिकEY शर्मा ने त्वरित जांच के आदेश दिए. जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए हाट थाना के सब-इंस्पेक्टर अरुण कुमार झा, कांस्टेबल योगेंद्र पासवान, कांस्टेबल अनुज कुमार और वाहन चालक अमन कुमार उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. एसपी ने बताया कि छीनी गई पूरी राशि वाहन चालक अमन कुमार से बरामद कर ली गई है.
यह घटना न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि आम जनता के बीच विश्वास को भी ठेस पहुंचाती है. सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहां इसे “रक्षक से भक्षक” बनने की संज्ञा दी जा रही है. एक यूजर ने लिखा, “जब पुलिस ही लूटेगी, तो जनता किससे उम्मीद करे?” एसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा, “पुलिस विभाग में ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. दोषी पुलिसकर्मियों को सजा दी गई है और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होगी.” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़ित को न्याय मिलेगा और बरामद राशि उन्हें वापस की जाएगी.