NEET छात्रा मौत मामला: हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को झटका, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला!..

Ritu Raj

पटना के बहुचर्चित NEET छात्रा रेप-हत्या मामले में आज कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। बेउर जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को फिलहाल सलाखों के पीछे ही रहना होगा। ADJ 6 की अदालत ने पिछली सुनवाई में सुरक्षित रखे गए फैसले को सार्वजनिक करते हुए मनीष रंजन की जमानत याचिका (Bail Plea) को खारिज कर दिया है।

सुनवाई और फैसला;
पीड़ित पक्ष के वकील एसके पांडेय ने पुष्टि की है कि ओपन कोर्ट में जजमेंट सुना दिया गया है। विस्तृत आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही कानूनी बारीकियों का पता चलेगा। मनीष रंजन की जमानत पर दो दिनों तक मैराथन सुनवाई चली थी। पिछले गुरुवार को करीब 4 घंटे तक बहस हुई, जिसमें से 2 घंटे की सुनवाई जज के चैंबर में गोपनीय तरीके से की गई। पीड़ित पक्ष ने पटना हाईकोर्ट के फुल बेंच जजमेंट का उदाहरण देते हुए जमानत का पुरजोर विरोध किया, जिस पर बचाव पक्ष ने आपत्ति भी जताई थी।

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पुलिस जांच पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणी;
सुनवाई के दौरान अदालत ने केस की पहली IO (जांच अधिकारी) और तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट के तीखे सवालों ने पुलिसिया जांच की ढिलाई को उजागर किया। कोर्ट ने पूछा कि मुख्य गवाह और मेड के साथ छात्रा के कमरे में जाने वाली सहपाठी के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों नहीं की गई? जब IO ने बताया कि मनीष रंजन 10 जनवरी को खुद थाने आया था, तो कोर्ट ने सवाल किया, “क्या आपने उससे पूछताछ की?” IO का जवाब ‘नहीं’ में था। अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि आपने मनीष को गिरफ्तार तो किया, लेकिन केस में उसकी वास्तविक भूमिका और अपराध की जांच सही ढंग से क्यों नहीं की?

पीड़ित परिवार का आरोप;
छात्रा की माँ ने जांच एजेंसियों पर गहरा अविश्वास जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI और SIT मिलकर मामले की लीपापोती कर रहे हैं। मनीष रंजन को बचाने की कोशिश हो रही है और हमें ही झूठा साबित किया जा रहा है।

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