Bihar Bhumi:
सिटी पोस्ट लाइव :बिहार के जिलों में सैरातों की बंदोबस्ती में अरबों रुपये के घपले घोटाले की खबर सामने आई है. सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट के बाद भी संबंधित जिलों से रिपोर्ट नहीं आने पर बड़े घपले की आशंका जताई जा रही है.सरकार ने सभी जिले के समाहर्ताओं से उनके जिले के सैरातों की बारे में रिपोर्ट मांगी है.सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2020-21 की लेखा परीक्षा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की 961 इकाइयों में से 50 की नमूना जांच की गई. लेखा परीक्षा संवीक्षा में 372 मामलों में सैरात की गैर-बंदोबस्ती व अन्य अनियमितताएं मिलीं. इनमें 24613.19 करोड़ की बड़ी राशि शामिल है.
विभाग ने 2021-22 के दौरान किसी मामले को स्वीकार किया न किसी मामले में वसूली की गई. सीएजी की रिपोर्ट पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संज्ञान लिया. निदेशक, भू-अर्जन कमलेश कुमार सिंह ने सभी समाहर्ताओं से सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है. माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में सैरातों की बंदोबस्ती नहीं होने की सूचना देकर उसकी अवैध रूप से बंदोबस्ती कर बड़ा खेल किया गया है. जिलों में सैरातों की संख्या कितनी है, जिसकी नीलामी प्रतिवर्ष की जाती है.सैरातों की बंदोबस्ती में प्रतिवर्ष स्टांप और निबंधन शुल्क में कितनी राशि की प्राप्ति हुई तथा कितनी वसूलनीय है.
राशि की वसूली के लिए क्या कार्रवाई की गई है.कितने सैरातधारियों की सैरात अवधि समाप्त हो चुकी है. उनके या अन्य लोगों द्वारा इन सैरातों की पुन: बंदोबस्ती के लिए आवेदन आया या नहीं.कितने सैरात बंदोबस्तधारियों के विरुद्ध शेष राशि की वसूली के लिए नीलामपत्र वाद दायर किया गया है. इसमें राशि कितनी है. नीलामपत्र वाद में कितने का निष्पादन हुआ है. कितनी राशि की वसूली हुई है.ईन तमाम सवालों के जबाब अभी सामने आने बाकी हैं.सूत्रों के अनुसार अरबोब रूपये की हेराफेरी की संभावना है.