राइस मिल में लाटरी का अंतरराष्ट्रीय गोरखधंधा,मिला ‘कुबेर का खजाना.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में जहाँ लाटरी खेलने और खिलाने पर प्रतिबन्ध हैं, वहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लॉटरी के अवैध धंधा चलने का पर्दाफाश हुआ है. रोहतास जिला के चेनारी थाना के सबराबाद में लाटरी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश पुलिस ने किया है.अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर पिछले तीन दिनों से एसटीएफ और जिला पुलिस की जो छापामारी चल रही थी. करोड़ों रुपए के लॉटरी के टिकट बरामद हुए हैं. शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश के अनुसार चेनारी के इब्राहिमपुर में गजानन सिद्धि विनायक फूड प्राइवेट लिमिटेड नामक राइस मिल के परिसर में यह छापेमारी की गई. राइस मिल की आड़ में लॉटरी के बड़े धंधे का भंडाफोड़ हुआ है. जिसमें 420 कार्टन से अधिक के लॉटरी के टिकट बरामद हुए हैं जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 45 करोड़ रुपए बताई जा रही है.

अवैध रूप से लॉटरी के पूरे प्रिंटिंग प्रेस का सेटअप यहां से बरामद हुआ है. इसमें 30 से अधिक बड़े प्रिंटिंग मशीन, 722 कार्टून लॉटरी के सादे कागज, 830 कार्टून लॉटरी के अन्य कागज बरामद हुए. साथ ही कई दर्जन कंप्यूटर, यूपीएस, कीबोर्ड, लैपटॉप आदि बरामद हुए हैं. इन सामानों का कीमत लगभग 4 करोड़ से अधिक है. डीआईजी डीआर सत्य प्रकाश ने बताया कि इस मामले में राइस मिल के प्रबंधक मनीष कुमार सहित कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इस राइस मिल के अंदर 103 मजदूर काम कर रहे थे. पुलिस उन सभी मजदूरों से भी पूछताछ कर रही है, जो इस लॉटरी के प्रिंटिंग तथा सप्लाई में मजदूरी कर रहे थे.

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राइस मिल तथा इस पूरे रैकेट का संचालक पवन झुनझुनवाला है. इस पर डेहरी थाना में पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं. औरंगाबाद के अलावा झारखंड में भी उसे पर कई मामले दर्ज हैं. इस पूरे प्रकरण को लेकर आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, आर्थिक अपराध इकाई को भी सूचित किया गया है. साथ ही आसपास के जिलों के अतिरिक्त दूसरे राज्यों में भी जांच टीम को भेजी जाएगी. वहीं, इस पूरे लॉटरी के अवैध कारोबार के सूत्र भंडाफोड़ किया जाएगा.पुलिस के अनुसार राइस मिल की आड़ में अवैध लॉटरी का कारोबार दो साल से चल रहा था.इस गिरोह ने पहले धनबाद में बड़े पैमाने पर लॉटरी का कारोबार शुरू किया था जिसके बाद बिहार में दो साल से यह धंधा कर रहे थे.

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