रीतलाल यादव जेल जाने से पहले प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप, हत्या की थी साजिश…

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सिटी पोस्ट लाइव : जमीन विवाद में बिल्डर से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने  के मामले में  आरोपी  रीतलाल यादव ने आज गुरुवार को दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है. कोर्ट में आत्मसर्पण करने के बाद और जेल जाने से पहले रीतलाल यादव ने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है. यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा है और उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है. विधायक ने कहा कि जिन प्लॉट्स को लेकर विवाद हुआ है, उनमें से प्लॉट नंबर 36, 37, 40, 41 और 48 पहले ही बिल्डरों गौरव कुमार और राकेश कुमार द्वारा खरीदे जा चुके हैं.विवाद की असली जड़ प्लॉट नंबर 38 और 39 हैं, जहां पहले से गरीब तबके के लोग रह रहे हैं और वे अपनी जमीन किसी को देना नहीं चाहते थे.

रीतलाल यादव ने दावा किया कि गरीब लोगों को जमीन खाली करने के लिए महिला के जरिए धमकी, बाउंसरों की मदद से डराया गया और आपराधिक तत्वों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट तक की गई. उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के वीडियो सबूत भी मौजूद हैं, जो प्रशासन के मांगने पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं.राजद विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से लोगों पर दबाव बनाया गया कि वह जमीन सौंप दे, वरना उसे केस में फंसा दिया जाएगा. जब लोगों ने जमीन देने से इनकार कर दिया, तो बिल्डरों ने उसके प्लॉट को चारों ओर से करकट लगाकर घेर लिया. तब वो लोग मेरे पास आए और मुझे घटना की जानकारी दी.

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उन्होंने कहा कि उनके जान को खतरा है. उन्होंने कहा विरोधियों के द्वारा उनके ऊपर AK-47/AK-56 से हमला किया गया. प्रशासन ने विरोधियों से कहा कि रीतलाल यादव को जान से मार दो हम केस नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि, हमने अपनी जान के खतरे को देखते हुए प्राइवेट गार्ड को बढ़ाया तो पुलिस ने कहा कि आप प्राइवेट कार्ड नहीं रख सकते हैं. रीतलाल यादव ने कहा कि, जिस दिन मेरे घर पर छापेमारी हुई उस दिन प्रशासन बिल्डर के साथ मिलकर मुझे मारना चाह रही थी.उन्होंने दावा किया कि ओमप्रकाश, दौलत देवी और मिथिलेश कुमार से जबरन एग्रीमेंट कराया गया और एक को 5 लाख एक को 10 लाख और एक को ₹7 लाख देने की बात कही गई. लेकिन पैसे नहीं दिए गए और उन्हें फर्जी तरीके से फंसा दिया गया.

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