पति-पत्नी ने खुद को घर में किया कैद,
सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के मोतिहारी से साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट की चौंका देनेवाली कहानी सामने आई है. एक रिटायर्ट कृषि अधिकारी और उनकी पत्नी को घर मे साइबर अपराधियों ने 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा. घर के बाहर कुछ वर्दी वाले उनकी निगरानी करते रहे. 10 दिनों तक सीबीआई कोर्ट और हाईकोर्ट के नाम पर ऑनलाइन सुनवाई चलती रही. रिटायर्ड अफसर को 10 लाख रुपए तक चुकाने पड़ गए. अब सायबर ठगी को मुख्य आरोपी को पूलिस ने दर दबोचा है .
कटिहार के इस साइबर ठग ने रिटायर्ड कृषि अधिकारी और उनकी पत्नी को डिजिटल तरीके से ‘अरेस्ट’ कर 56 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर ली है. ठगी के शिकार हुए दिलीप कुमार, जो कृषि विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, ने बताया कि उनका और उनकी पत्नी का मोबाइल हैक कर लिया गया था. इसके बाद साइबर ठग आकाश मुखर्जी ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बताते हुए उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया. ठग ने मनी लॉन्ड्रिंग केस का हवाला देते हुए पीड़ित को लगातार वीडियो कॉल पर रखा और डर का माहौल बनाकर आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर करवा लिया.
दिलीप कुमार ने बताया कि 10 दिनों तक घर में डिजिटल अरेस्ट की स्थिति रही. वीडियो कॉल पर एक नकली कोर्ट का माहौल तैयार किया जाता था जिसमें जज, वकील और बहस भी होती थी. इसी बहाने लगातार डराकर साइबर ठग उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर कराते रहे.पुलिस ने मुख्य आरोपी आकाश मुखर्जी को कटिहार से गिरफ्तार कर लिया है. मोतिहारी में उसके सहयोगियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.