बाढ़ प्रभावित राघोपुर में तेज प्रताप की दस्तक, सियासी सरगर्मी बढ़ी

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे, तेज प्रताप यादव, ने सोमवार को अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर का दौरा किया। वे भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें राहत सामग्री वितरित की। उनके इस दौरे से राघोपुर की राजनीति में हलचल मच गई है।

राहत सामग्री वितरण और जनसंपर्क

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तेज प्रताप यादव नाव से बिदुपुर के जुरावनपुर घाट होते हुए राघोपुर पहुंचे। उन्होंने जुरावनपुर, रुस्तमपुर, मोहनपुर, और राघोपुर दियारा के कई बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। बाढ़ से परेशान ग्रामीणों को उन्होंने सूखा राशन, दवाइयां और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। उन्होंने आपदा से बचाव की जानकारी भी दी और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वे हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। बाढ़ पीड़ितों ने भी तेज प्रताप का आभार व्यक्त किया और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

सियासी गलियारों में चर्चा

तेज प्रताप यादव का यह दौरा सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पहले जहां वे अपने पारंपरिक विधानसभा क्षेत्र महुआ से चुनाव लड़ने की बात करते थे, वहीं अब उनका राघोपुर में सक्रिय होना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या तेज प्रताप महुआ की बजाय राघोपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं? या फिर यह दौरा सिर्फ बाढ़ पीड़ितों की मदद करने तक ही सीमित है? हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि यह दौरा पूरी तरह से मानवीय सहायता से प्रेरित है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद

स्थानीय लोगों में तेज प्रताप के दौरे से उम्मीद की एक किरण जगी है। उनका मानना है कि इस तरह के दौरों से बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं पर ध्यान जाएगा और सरकार भी राहत कार्यों में तेजी लाएगी। तेज प्रताप यादव ने भी आश्वासन दिया है कि वे बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े हैं और उनकी हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राघोपुर में तेज प्रताप की यह सक्रियता किस दिशा में जाती है और इसका क्या राजनीतिक प्रभाव पड़ता है।

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