बिहार-झारखंड का कुख्यात आशीष रंजन यूपी में ढेर, बिहार में उठे सवाल- क्यों टांग में गोली मार रही पुलिस?

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
उत्तर प्रदेश में बिहार-झारखंड के खूंखार अपराधियों का दनादन एनकाउंटर हो रहा है। पिछले सप्ताह 50 हजार का इनामी कुख्यात डब्लू यादव एनकाउंटर में मारा गया और अब बुधवार की रात प्रयागराज में झारखंड-बिहार के कुख्यात गैंगस्टर छोटू धनबादिया उर्फ आशीष रंजन को यूपी STF ने ढेर कर दिया है। अब बिहार में ये सवाल जोर पकड़ रहा है कि बिहार के अपराधियों का उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर हो रहा है फिर बिहार में क्यों पुलिस टांग में गोली मार रही है। यूपी की तरह यहाँ एनकाउंटर क्यों नहीं हो रहा ?

ये मुठभेड़ शंकरगढ़ क्षेत्र में हुई। पुलिस ने छोटू धनबादिया को घेरा तो उसने एके-47 से फायरिंग की। एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। वह मारा गया। मौके से STF को AK-47, पिस्टल और भारी मात्रा में 9MM कारतूस मिले हैं। आशीष पर 2017 में धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह को गोलियों से छलनी करने, गैंगस्टर अमन सिंह समेत कई लोगों की हत्या के केस हैं। बिहार-झारखंड और यूपी में वो एक्टिव था। पुलिस के अनुसार धनबादिया प्रयागराज में किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में आया था। इसी बीच, STF को इसकी खबर मिल गई। इसके बाद टीम ने उसे शंकरगढ़ में घेर लिया। शिवराज चौराहे पर STF ने छोटू धनबादिया को रोकने की कोशिश। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की। AK-47 और 9MM पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग की।

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STF को मौके से AK-47, पिस्टल और भारी मात्रा में 9MM कारतूस मिले हैं. छोटू पर कई राज्यों में गंभीर मुकदमे दर्ज थे। यूपी STF को पिछले काफी समय से इसकी तलाश थी। पुलिस को मुखबिर से धनबादिया के यूपी में एक्टिव होने की खबर मिली थी, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए प्लान बनाया गया। यूपी STF को पिछले काफी से समय से इसकी तलाश थी।छोटू धनबादिया झारखंड का कुख्यात अपराधी था। उस पर नीरज सिंह और लाला खान हत्याकांड समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज थे। वो झारखंड, यूपी और बिहार में एक्टिव था।

झारखंड के धनबाद जिले में गैंगस्टर अमन सिंह समेत 5 हत्याकांडों में आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू को पुलिस की तलाश थी। उस पर कतरास में नीरज सिंह, झरिया के रंजीत साव की हत्या में मुख्य शूटर होने का आरोप लगा था। इसके पहले कार्मिक नगर में जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या का भी उस पर आरोप है। समीर मंडल हत्याकांड में आशीष रंजन जेल भेजा गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद उस पर दो और हत्याकांडों में शामिल होने के आरोप लगे। आशीष सिंह पहले अमन सिंह गैंग का शूटर था। अमन सिंह के इशारे पर उस पर रंगदारी मांगने से लेकर हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। अमन सिंह ही घटना के बाद आशीष को यूपी में शेल्टर देने का काम करता था। अमन सिंह के जेल जाने के बाद आशीष ने अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहा। गैंगस्टर अमन सिंह की 3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी आशीष रंजन ने खुद एक ऑडियो जारी कर ली थी। जेल में बंद सुंदर उर्फ रितेश यादव ने अमन सिंह को गोली मारी थी, लेकिन पूछताछ में सामने आया कि इस हत्या का मास्टरमाइंड आशीष रंजन ही था।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 50 हजार का इनामी कुख्यात डब्लू यादव एनकाउंटर में मारा गया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.. डब्लू पर हत्या, डकैत और रंगदारी समेत 24 मुकदमे यूपी और बिहार में दर्ज हैं। डब्लू यादव के हापुड़ में छिपे रहने की सूचना पर बेगूसराय से DIU एवं एसटीएफ के SOG-3 की टीम भी हापुड़ पहुंची थी।

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