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भोजपुर। आरा में सरकारी बस स्टैंड के पास अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर कुछ स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान प्रशासन की टीम का नेतृत्व कर रही सीओ सह दंडाधिकारी पल्लवी कुमारी गुप्ता के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। घटना के बाद आरा सदर के राजस्व अधिकारी विमल कुमार गुप्ता के लिखित आवेदन पर आरा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी शीतल टोला वार्ड नंबर-37, प्रकाशपुरी मोहल्ला निवासी अवधेश कुमार के परिवार के सदस्य हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक कुमार, प्रिंस कुमार, शगुन कुमार और सोनाक्षी कुमारी शामिल हैं। राजस्व अधिकारी विमल कुमार गुप्ता ने अपने आवेदन में बताया कि अनुमंडल कार्यालय, आरा सदर के निर्देशानुसार सपना सिनेमा मोड़ से बस स्टैंड तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा था। जब प्रशासन की टीम अभियान को आगे बढ़ा रही थी, तब मलिन बस्ती के कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

विवाद उस समय बढ़ गया जब प्रशासन ने एक अतिक्रमित दो मंजिला मकान को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मकान के मालिक अवधेश कुमार के परिवार के सदस्यों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। इसी दौरान सोनाक्षी कुमारी और प्रिंस कुमार घर से बाहर निकले और सीओ पल्लवी कुमारी गुप्ता से बहस करने लगे। इसके बाद उन्होंने उनका बाल पकड़कर खींचा और मारपीट व दुर्व्यवहार किया। इसके बाद, अभिषेक कुमार और शगुन कुमार भी वहां पहुंचे और वरिष्ठ दंडाधिकारी के साथ हाथापाई करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
प्रशासन सख्त, जांच जारी
इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने या अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी देख रही है कि इस हमले के पीछे कोई संगठित साजिश तो नहीं थी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों को हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस तरह के किसी भी विरोध को सख्ती से दबाया जाएगा।