सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसके तार “विदेश” (Abroad) से जुड़े होने का खुलासा हुआ है। इस गिरोह का सरगना हर्षित और उसका सहयोगी मोहम्मद सुल्तान है, जिनसे EOU (आर्थिक अपराध इकाई) साइबर टीम लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके बाद कई टीमों का गठन कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
EOU साइबर यूनिट के डीआईजी संजय कुमार ने बताया कि इस गिरोह का जाल न केवल पूरे बिहार में बल्कि राज्य के बाहर भी फैला हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि पूछताछ में हर्षित और सुल्तान ने विदेश से संबंधों का खुलासा किया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। डीआईजी ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस गैंग से जुड़े कई और लोग गिरफ्तार होंगे।
EOU के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि मोहम्मद सुल्तान से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह गांवों और कस्बों में जाकर गरीब और भोले-भाले लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने का झांसा देता था। आयुष्मान कार्ड के नाम पर वे लाभार्थियों के फिंगरप्रिंट और आधार कार्ड ले लेते थे। इसके बाद, मोबाइल कंपनियों में कार्यरत अपने साथियों की मिलीभगत से ये लोग उन गरीब लोगों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड निकाल लेते थे। इन्हीं फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉडगिरी में चाइनीज मशीन का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों ने उस चाइनीज मशीन की तस्वीर भी जारी की है। फिलहाल, हर्षित और मोहम्मद सुल्तान से पूछताछ जारी है और उम्मीद की जा रही है कि कल तक कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस खुलासे के बाद साइबर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है और वे इस तरह के गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए सक्रिय हो गई हैं।