मेडिकल छात्रा की मेदांता में मौत, हॉस्टल मालिक पर यौन उत्पीड़न और मारपीट का आरोप; पुलिस और डॉक्टरों के दावों से परिजन असंतुष्ट

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही 18 वर्षीय एक छात्रा की मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने तब तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि जिस हॉस्टल में छात्रा रह रही थी, वहाँ उसके साथ मारपीट की गई और यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया, जिसके कारण उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।

9 जनवरी को दर्ज कराई गई थी FIR
मृत छात्रा के परिजनों ने अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर 9 जनवरी 2026 को ही चित्रगुप्त नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से सेक्सुअल हैरेसमेंट और शारीरिक प्रताड़ना का उल्लेख किया गया था। परिजनों का कहना है कि इसी प्रताड़ना के चलते उनकी बेटी की मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब हुई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहाँ आज उसने दम तोड़ दिया।

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डॉक्टरों की राय और पुलिस की थ्योरी
मामले में पुलिस का रुख परिजनों के आरोपों से अलग नजर आ रहा है। सदर एएसपी अभिनव कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और हॉस्टल वार्डन सहित अस्पताल के डॉक्टरों के बयान लिए गए हैं। हालांकि, डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में यौन उत्पीड़न की बात से इनकार किया है। मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से पुलिस का कहना है कि छात्रा ‘मियादी बुखार’ (Typhoid) से पीड़ित थी और उसे नींद की गोलियां लेने की लत थी। पुलिस को छात्रा के कमरे से भारी मात्रा में नींद की गोलियां भी मिली हैं।

परिजनों का पुलिस पर अविश्वास: पोस्टमार्टम की वीडियो ग्राफी की मांग
छात्रा के परिजन पुलिस और अस्पताल प्रशासन की दलीलों से कतई संतुष्ट नहीं हैं। उनका सीधा आरोप है कि चित्रगुप्त नगर थाना मामले को दबाने और रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि छात्रा के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाए और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को बचाया न जा सके।

फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रा की मौत बीमारी से हुई, नींद की गोलियों के ओवरडोज से या फिर उस पर हुए कथित जुल्मों के कारण।

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