मोकामा के ‘छोटे सरकार’ को मिली बड़ी राहत; कोर्ट ने किया बरी, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ!..

Ritu Raj

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह को एक पुराने आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण राहत मिली है। पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने उन्हें 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप से बरी कर दिया है।

यह फैसला बुधवार को सुनाया गया, जिसमें अदालत ने साक्ष्य की कमी को आधार बनाया। मामला लगभग 11 वर्ष पुराना है, जो 2014 में श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। सूचक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया था कि बंटू सिंह सहित कुछ लोग उनके घर में घुसे और अनंत सिंह के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग की धमकी दी। पुलिस जांच के बाद अनंत सिंह और बंटू सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सिर्फ जांचकर्ता की गवाही हुई, जबकि अन्य गवाह पेश नहीं हुए और कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए। इसी वजह से विशेष न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार मालवीय की अदालत ने दोनों आरोपितों को आरोपमुक्त कर दिया। अनंत सिंह के वकील सुनील कुमार ने इसकी पुष्टि की है।

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हालांकि, इस राहत से अनंत सिंह की जेल मुक्ति नहीं होगी। वे अभी भी बेऊर जेल में बंद हैं, क्योंकि दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में उनकी गिरफ्तारी बरकरार है। यह मामला 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान टाल इलाके में हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है, जिसमें विरोधी पक्ष के दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि अनंत सिंह घटनास्थल पर मौजूद थे और जांच में उनकी मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। अनंत सिंह ने इस हत्याकांड में दो बार जमानत याचिका दाखिल की, लेकिन पटना सिविल कोर्ट ने दोनों को खारिज कर दिया। अब संभावना है कि वे हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। गौरतलब है कि जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह ने 2025 के विधानसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी वीणा देवी को हराकर जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने अभी तक विधायक पद की शपथ नहीं ली है। जमानत मिलने पर वे शपथ ग्रहण कर सकते हैं। फिलहाल, दुलारचंद हत्याकांड में राहत मिलने का इंतजार जारी है।

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