पटना में NEET छात्रा के रेप और मौत मामले को लेकर शुक्रवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग इनकम टैक्स चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से CBI दफ्तर की ओर मार्च करने लगे। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें वहीं रोक दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई।

प्रदर्शन में शामिल लोग CBI जांच की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही पर नाराज थे। वे हाथों में तख्तियां लेकर जल्द चार्जशीट दाखिल करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान मृतका की मां ने भी जांच एजेंसी पर अविश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, वहीं जहानाबाद समेत अन्य इलाकों से लोग बसों में भरकर पटना पहुंचे। मौके पर मौजूद सांसद पप्पू यादव ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज और सिस्टम दोनों इस मामले में जिम्मेदार हैं। उन्होंने जांच की सुस्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बाद में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में CBI दफ्तर पहुंचा, जहां उनकी अधिकारियों से बातचीत कराई गई।

दरअसल, यह मामला 11 जनवरी 2026 का है, जब पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET छात्रा मृत पाई गई थी। जांच में रेप की पुष्टि हुई थी, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अपराध किसने किया और हत्या के पीछे कौन था। करीब चार महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस, SIT और CBI किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं। पटना पुलिस की जांच पर सवाल उठने के बाद मामला CBI को सौंपा गया था, लेकिन वहां भी प्रगति धीमी रही। कोर्ट की फटकार के बाद अब इस केस की जांच CBI की दिल्ली टीम को दी गई है। वहीं, इस मामले में हॉस्टल भवन के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उसकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। हालांकि, जांच में देरी और स्पष्ट जवाबों की कमी ने लोगों में आक्रोश बढ़ा दिया है, जो अब सड़कों पर खुलकर दिखाई दे रहा है।