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पटना : नीट पेपर लीक कांड और कई परीक्षाओं के पेपर लीक कांड का मुख्य अभियुक्त संजीव मुखिया को अरेस्ट कर लिया गया है। संजीव मुखिया को आर्थिक अपराध इकाई के टीम ने गिरफ्तार किया है। संजीव मुखिया पर नीट पेपर लीक कांड के साथ-साथ बिहार के कई परीक्षाओं के पेपर लीक कांड का गंभीर आरोप है। सीबीआई की टीम भी संजीव मुखिया की खोज कर रही थी। पटना एसटीएफ़ ने उसे गिरफ्तार किया है। संजीव मुखिया पर तीन लाख रुपए का इनाम था। सिर्फ़ नीट ही नहीं, कई सारी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर्स लीक करने के मामलों में वह आरोपी है। नीट परीक्षा का पेपर लीक ५ मई २०२४ को हुआ था, इसके पीछे संजीव मुखिया का ही हाथ था। इसके बाद से संजीव मुखिया फ़रार चल रहा था। संजीव मुखिया बिहार के नालंदा का रहने वाला है। उसकी उम्र ५१ साल है। वह नालंदा के नगरनौसा गांव का रहने वाला है। उसे लोग लूटन मुखिया भी कहते हैं। २०१० में उसने ब्लूटूथ का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओं को नकल कराई थी। इसके बाद तो हर पेपर लीक मामले के पीछे एक ही नाम सामने आने लगा। संजीव मुखिया। २०१६ में बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा हुई। इसका पेपर भी लीक हुआ। इसके पीछे मास्टरमाइंड भी संजीव मुखिया ही निकला। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा तीन (बीपीएससी) पेपर लीक का मास्टरमाइंड भी संजीव मुखिया ही था। संजीव मुखिया का बेटा शिवकुमार पेपर लीक मामले में ही अभी जेल में बंद है। उसके बेटे शिवकुमार ने पीएमसीएच से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। झारखंड के देवघर से शनिवार को छह लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इन छह लोगों में संजीव मुखिया का रिश्तेदार चिंटू भी शामिल था। नीट के क्वेश्चन और आंसर की पीडीएफ़ फ़ाइल चिंटू के वॉट्सऐप पर ही पांच मई को भेजी गई थी। इसके बाद लर्न एंड प्ले स्कूल के वाईफाई प्रिंटर से व्हाट्सऐप पर आए इस पीडीएफ़ फ़ाइल का प्रिंट निकाला गया और कैंडिडेट्स को इसे याद कराया गया।
पेपर लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गिरफ़्तार, ऐसे फंसा जाल में