सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना के चर्चित ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ में नीट छात्रा की मौत का मामला अब एक खौफनाक मोड़ ले चुका है। शुरुआत में रहस्यमयी मानी जा रही यह मौत अब सामूहिक बलात्कार और हत्या की ओर इशारा कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर पुरुष शुक्राणु (Semen) मिलने की पुष्टि के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में SIT ने 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनके DNA सैंपल कलेक्ट किए हैं, ताकि दरिंदों की पहचान की जा सके।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोली पोल: सामान्य मौत नहीं, संगीन जुर्म!
जहानाबाद की रहने वाली इस छात्रा के साथ हुई दरिंदगी की आशंका तब हकीकत में बदलती दिखी, जब फॉरेंसिक टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के अंतःवस्त्रों (Undergarments) पर मेल स्पर्म के निशान पाए गए हैं। इस खुलासे ने पटना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि शुरुआती जांच में मामले को दबाने की कोशिश के आरोप लगे थे। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मौत से पहले छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया था?
DNA की जंग: 6 संदिग्धों पर टिकी सुई
SIT ने पटना हॉस्टल कांड की गुत्थी सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया है, जिसके तहत घटना के दिन हॉस्टल के पास संदिग्ध रूप से देखे गए 6 लोगों को चिह्नित कर गर्दनीबाग अस्पताल में मजिस्ट्रेट की निगरानी में उनके DNA सैंपल लिए गए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई CCTV फुटेज में इन संदिग्धों की उपस्थिति दर्ज होने और मोबाइल टावर लोकेशन (CDR) के आधार पर वारदात के वक्त उनकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद की है। अब इन सैंपलों का मिलान मृतका के कपड़ों पर मिले जैविक साक्ष्यों से किया जाएगा और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पीड़िता के परिजनों के DNA प्रोफाइल का भी उपयोग किया जा रहा है।
मुख्य आरोपी अब भी फरार, परिजनों का आक्रोश
पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। परिजनों का कहना है कि रेप के बाद छात्रा को मार दिया गया या उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी केस का मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। शंभू हॉस्टल के प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सुरक्षा घेरे को तोड़कर कोई अंदर कैसे दाखिल हुआ?
बिहार के छात्र संगठनों और आम जनता में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। अब सबकी निगाहें फॉरेंसिक लैब की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस ‘हॉस्टल कांड’ के असली गुनहगारों का चेहरा बेनकाब करेगी।