सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना के राजेंद्रनगर इलाके में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में आए नए तथ्यों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पीएमसीएच (PMCH) के मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी की गई विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने न केवल पुलिस की शुरुआती ‘सुसाइड थ्योरी’ को ध्वस्त कर दिया है, बल्कि घटना की भयावहता की ऐसी तस्वीर पेश की है जिसे सुनकर रूह कांप जाए।
संघर्ष की गवाही दे रहे हैं शरीर के निशान
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने दम तोड़ने से पहले करीब डेढ़ से दो घंटे तक हमलावरों से कड़ा संघर्ष किया। रिपोर्ट की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
• नाखूनों के गहरे घाव: गर्दन और कंधों पर ‘क्रिसेंटिक नेल एब्रेशन’ (Crescentic Nail Abrasions) पाए गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ये निशान तब बनते हैं जब पीड़िता हमलावर की पकड़ से छूटने की पूरी कोशिश करती है।
• पीठ और छाती पर चोट: पीठ पर नीले निशान (Bruises) मिले हैं, जो संकेत देते हैं कि छात्रा को किसी कठोर सतह पर बेरहमी से रगड़ा गया था। छाती पर भी संघर्ष के कई ताजा निशान मिले हैं।
• गैंगरेप की आशंका: रिपोर्ट में ‘फोर्सफुल पेनेट्रेशन’ (Forceful Penetration) और प्राइवेट पार्ट में गहरी चोटों की पुष्टि हुई है। चोटों के पैटर्न को देखते हुए डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि इस घृणित अपराध में एक से अधिक अपराधी शामिल हो सकते हैं।
हॉस्टल संचालक पर गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद हॉस्टल संचालक ने उन्हें चुप रहने के लिए पैसे की पेशकश की थी। परिवार का सवाल है कि यदि यह सामान्य मौत थी, तो समझौते की कोशिश क्यों की गई? साथ ही, पुलिस द्वारा शुरू में तीन संदिग्धों को पूछताछ के बाद छोड़ देने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
DGP के आदेश पर हाई-लेवल SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी (DGP) विनय कुमार ने एक उच्च स्तरीय SIT का गठन किया है, जिसकी कमान जोनल आईजी जितेंद्र राणा को सौंपी गई है। इस टीम में सचिवालय एसडीपीओ और कई थानों के तेज-तर्रार अधिकारियों को शामिल किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पत्रकारनगर की एसएचओ को इस जांच से दूर रखा गया है।
फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की तलाश
पुलिस अब छात्रा के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा और वीडियो को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। एफएसएल (FSL) की टीम ने हॉस्टल से नमूने एकत्र किए हैं और विसरा को सुरक्षित रखकर विस्तृत जांच के लिए एम्स (AIIMS) भेजा गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन चेहरों की पहचान की जा रही है जो घटना वाले दिन हॉस्टल के आसपास देखे गए थे।