ठगों ने बिजली बिल अपडेट के नाम पर भेजा फर्जी लिंक, मोबाइल हैक कर उड़ाए रुपये
सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के जमुई जिले में एक बड़ी साइबर ठगी की घटना सामने आई है, जिसमें वन विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी गोपाल शरण सिन्हा के बैंक खाते से ₹9,45,000 की अवैध निकासी कर ली गई। पीड़ित ने 13 जून को साइबर थाना और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने कांड संख्या 21/25 के तहत जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार, 31 मई को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को “आर.के. मिश्रा, इलेक्ट्रिक ऑफिस” से बताया और कहा कि उनका बिजली बिल दो महीने से अपडेट नहीं हो रहा है। फोन पर डराने की कोशिश की गई और उन्हें 10 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया ताकि बिल की समस्या वहीं से सुलझाई जा सके। इस प्रक्रिया में पीड़ित को एक लिंक और नकली बिजली बिल भेजा गया, जिसे खोलने के बाद उनका मोबाइल गर्म होने लगा और फिर 7 जून को पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया।
फोन बनवाने पर पता चला कि सिम कार्ड खराब हो गया है। सिम रिप्लेस कराने के बाद जब 13 जून को उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की, तो पता चला कि खाते से लगभग 10 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 8, 9 और 10 जून को चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम निकाली गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगों ने पहले खाते में पैसे जमा किए और फिर UPI लिमिट बढ़ाकर बड़ी निकासी की। ठगों ने 9 जून को छह बार ₹99,900, एक बार ₹99,990 और दस बार ₹5,000 की निकासी की। 10 जून को भी एक बार ₹99,990 और एक बार ₹97,000 की निकासी की गई। कुल मिलाकर 9.95 लाख रुपये खाते से निकल चुके हैं।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि ठगों ने उनके मोबाइल को हैक कर यूपीआई लिमिट 10 लाख रुपये तक बढ़ा दी और इस तकनीकी घोटाले को अंजाम दिया। पंजाब नेशनल बैंक ने भी पुष्टि की कि यह सुविधा ग्राहक की ओर से बदली जा सकती है। साइबर थाना की टीम अब तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है और बैंक व मोबाइल सेवा प्रदाता से जानकारी जुटाई जा रही है।