राजद विधायक रीतलाल यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने के लिए चार सप्ताह की रिहाई की मांग करते हुए याचिका दायर की है। इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
दानापुर विधानसभा क्षेत्र से जेल में बंद राजद विधायक रीतलाल यादव ने आपराधिक रिट याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की है। जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। उनके वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने अदालत में दलील दी कि यह एक विशेष परिस्थिति है, जिसके तहत याचिकाकर्ता को अस्थायी रूप से रिहा किया जाना जरूरी है। वर्मा ने इस दौरान अदालत के कई पूर्व निर्णयों का हवाला दिया, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मामले का भी उल्लेख शामिल था। उन्होंने कहा कि रिट याचिका के जरिए भी याचिकाकर्ता को कुछ दिनों के लिए जमानत दी जा सकती है।
दूसरी तरफ, सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही ने इस याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को सीधे कोर्ट से जमानत लेनी चाहिए थी और उन्होंने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता ने अपनी आपराधिक रिट याचिका में आपराधिक रिकॉर्ड का पूरा विवरण प्रस्तुत नहीं किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।