शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर रोहिणी आचार्य का गुस्सा, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल को सील करने की उठाई मांग

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
राजधानी पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा के साथ हुई कथित दरिंदगी और उसकी संदिग्ध मौत के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने इस मामले में हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उसे तुरंत सील करने की मांग की है। रोहिणी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधी अपील करते हुए कहा है कि इस मामले की मॉनिटरिंग वे स्वयं करें।

अस्पताल पर साक्ष्य मिटाने का गंभीर आरोप
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए अस्पताल प्रबंधन और वहां के डॉक्टरों पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा, “पटना के प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा युवती के शरीर पर मौजूद दर्जनों जख्मों के निशानों को जान-बूझकर अनदेखा किया गया। बिना पुलिस को इत्तला किए छात्रा को भर्ती करना और परिजनों से सच्चाई छुपाना सीधे तौर पर संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।” रोहिणी का दावा है कि अस्पताल ने छात्रा के साथ हुए बलात्कार की बात को झुठलाने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की है।

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परिजनों का फूटा गुस्सा: 3 दिनों तक क्या कर रहा था अस्पताल?
जानकारी के अनुसार, शंभू गर्ल्स हॉस्टल में तबीयत बिगड़ने के बाद छात्रा को सबसे पहले प्रभात मेमोरियल अस्पताल में ही भर्ती कराया गया था। छात्रा यहाँ करीब तीन दिनों तक इलाजरत रही। जब उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई, तब उसे मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि अगर अस्पताल प्रबंधन ने शुरू में ही पुलिस को सूचित किया होता और छात्रा के जख्मों का सही विवरण दिया होता, तो शायद आज वह जीवित होती।

सीएम नीतीश से ‘न्याय’ की गुहार
रोहिणी आचार्य ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित अस्पताल को सील कर देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने मातहत अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने और पीड़ित परिवार को ‘त्वरित न्याय’ सुनिश्चित कराने का निर्देश देने की अपील की है।

इस घटना के बाद पटना की सड़कों पर आक्रोश है। स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

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