सिटी पोस्ट लाइव
पटना। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने आज बिहार के डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात की और उन्हें बताया कि वक्फ़ बिल के समर्थन में अपनी आवाज उठाने के कारण उन्हें दुबई से फोन करके गालियां और धमकियां दी जा रही हैं। शाहनवाज हुसैन ने बताया कि न केवल उन्हें, बल्कि उनके समर्थकों को भी धमकियां दी जा रही हैं और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपशब्द और धमकियां पोस्ट की जा रही हैं।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और वक्फ़ संशोधन बिल (2025) के समर्थन में अपनी बात पर कायम रहेंगे। उनका कहना था कि यह बिल मुसलमानों के हित में है और इससे आम मुसलमानों को लाभ होगा। शाहनवाज हुसैन ने उन नेताओं पर भी तंज कसा जिन्होंने जदयू से इस्तीफा दिया है।

वक्फ संसोधन बिल बेहतरीन एक्ट है। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब मुसलमानों की जायदात पर कब्जा न हो इसके लिए एक अच्छा एक्ट लाया है। वहीं अमित शाह ने यह भी कहा है कि कोई भी मस्जिद कमेटी, दरगाह कमेटी, कब्रिस्तान कमेटी इससे प्रभावित नहीं होगी। इसमे गैर मुस्लिम नहीं होगा। लेकिन वक्फ की कमेटी में कई गैर मुस्लिम, पस्मांदा मुस्लिम और महिलाएं भी रहेंगी। कुछ लोग CAA की तरह इस एक्ट में भी लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं समुदाय के लोगों को पूरी जिम्मेदारी से कहना चाहता हूं कि इस एक्ट से आपको कोई दिक्कत आने वाली नहीं है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। किसी की एक इंच भी जमीन सरकार नहीं लेने वाली। जहां तक हो सके पुराने मामलों में कब्जा गई जमीनें भी छूटेंगीं। लेकिन इससे इतर सोशल मीडिया पर और समर्थकों के मोबाइल पर कॉल, गाली-गलौज और धमकियां मिल रहीं हैं। मेरे एक समर्थक के मोबाइल पर भी दुबई से धमकी मिलीं है। इन मामलों में कार्रवाई के लिए मैंने DGP साहब को 36 पेज का आवेदन दिया है। मैंने DGP साहब से बस इतना कहा है कि गंदे कमेंट और जान से मारने की धमकी देने वालों पर न्याय संगत कार्रवाई हो। मुझे सरकार की ओर से पहले से ही सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए मैनें ज्यादा कुछ नहीं कहा है। उन्होंने भी इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
– शाहनवाज हुसैन, केंद्रीय मंत्री
उन्होंने सवाल उठाया कि इन नेताओं को आखिर कौन जानता है? यह सब पब्लिसिटी के लिए किया जा रहा है ताकि इन्हें पहचान मिल सके। शाहनवाज ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह नाटक सिर्फ अपनी पहचान बनाने का एक तरीका है। उन्होंने आगे कहा कि वह अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतित नहीं हैं, लेकिन अपने समर्थकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें भी धमकियां मिल रही हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने डीजीपी विनय कुमार से भी बात की और उनसे सुरक्षा की अपील की।