सिटी पोस्ट लाइव
बरहरवा । बुधवार को बीएसके महाविद्यालय बरहरवा में छात्र नेता सोयेब अख्तर के नेतृत्व में दो सूत्री मांगों को लेकर प्राचार्य के द्वारा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सोपा गया। जिसमें मेमो नंबर. एसकेएमयू/ परीक्षा/ 118/24 के अनुसार दिनांक 24 अप्रैल 2024 तक विलंब शुल्क सहित यूजी सेमेस्टर 1 नैप का परीक्षा प्रपत्र भरा गया था। लेकिन उनकी परीक्षा संपन्न नहीं हुई है। अब नैप नियम अनुसार सेमेस्टर 1 और 2 की कुछ विषयों में अदला बदली होने के कारण सेमेस्टर 1 मे जिन विषय में फेल हुआ था, वह सेमेस्टर 2 में आ गया है एवं सेमेस्टर 2 का कुछ विषय सेमेस्टर 1 में आ गया है।
लेकिन वह विद्यार्थी जो परीक्षा प्रपत्र भर चुके थे एवं उनकी फेल विषय सेमेस्टर 2 में आ गया है अर्थात अभी ज्ञापांक एसकेएमयू/ परीक्षा/ 69/25 के अनुसार परीक्षा प्रपत्र भर रहे हैं तो उन्हें पुन: परीक्षा प्रपत्र शुल्क लग रहा है। विश्वविद्यालय से आग्रह किया है कि जो परीक्षा शुल्क लिया जा चुका है वह उसकी परीक्षा नहीं हुई है। उस शुल्क को विद्यार्थियों को वापस करवाई जाए अर्थात आगे की सेमेस्टर में उन्हें मान्यता दी जाए। अन्यथा विश्वविद्यालय छात्रों के साथ अवैध वसूली को देखते हुए।
एनएसयूआई कड़े कदम उठाने में बैद्ध होंगे। तथा मेमो नंबर.- एसकेएमयू/ परीक्षा/ 357/24 के अनुसार यूजी सेमेस्टर – 3 स्पेशल परीक्षा के लिए 22 सितंबर 2024 तक विलंब शुल्क सहित परीक्षा प्रपत्र भर गया था, लेकिन अभी तक परीक्षा सूचना जारी नहीं हुई है। परीक्षा कराने के लेकर मांग रखी है। छात्र नेता सोयेब अख्तर ने बताया कि विश्वविद्यालय परीक्षा प्रपत्र के नाम पर हजारों विद्यार्थियों को तो परीक्षा प्रपत्र भरवा कर अपना जेब गर्म कर लिया है। लेकिन जब इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय से बात की जाती है तो इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाता है।
विश्वविद्यालय हमेशा ही छात्रों के साथ हनन करते हुए आ रहे हैं एवं यह अपने हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। विश्वविद्यालय जो भी परीक्षा प्रपत्र के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली किया है वह पैसा वापस करवाई जाए अन्यथा उन्हें आने वाले सेमेस्टर की परीक्षा प्रपत्र में मान्यता दी जाए। विश्वविद्यालय की गलतियों का खामियांजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। एवं विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य को भी अंधकार में ले जाने का काम कर रहे हैं।
हमें ऐसा प्रतीत होता है कि यह विश्वविद्यालय छात्रों के लिए नहीं है केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए ही है। क्योंकि विश्वविद्यालय की हर एक गलती को छात्र आईना दिखाकर विश्वविद्यालय को बताते हैं। अगर विश्वविद्यालय छात्रों से लिया गया अवैध वसूली को वापस नहीं करवाते हैं या मानता नहीं देते हैं। मौके पर एनएसयूआई सदस्य रूपेश पंडित, जयमुल हक, अरबाज अंसारी, अफजल अंसारी, सरफराज नवाज, अरबाज आलम एवं अन्य कई छात्र उपस्थित है