खगड़िया में अंधविश्वास बना मौत का कारण “डायन” कहकर बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, शव नदी किनारे दफनाया

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के खगड़िया जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। अलौली थाना क्षेत्र के रटनाहा गांव वार्ड-03 में एक बुजुर्ग एतवारी सदा की कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने “डायन” बताकर न केवल बेरहमी से हत्या कर दी, बल्कि शव को बोरे में भरकर नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफना भी दिया।

यह दिल दहला देने वाली घटना बुधवार देर रात की है, जब पड़ोस के ही 10-15 लोगों ने मृतक एतवारी सदा को जबरन उसके घर से उठाया और बुरी तरह पीट-पीटकर मार डाला। हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर करीब 2-3 किलोमीटर दूर अलौली-खगड़िया रेलवे लाइन के पास रटनाहा बहियार में नदी किनारे गड्ढा खोदकर छिपा दिया गया।

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गुरुवार की सुबह जब ग्रामीणों को इस जघन्य कृत्य की भनक लगी, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर अलौली, बहादुरपुर, गंगौर और मोरकाही थानों की टीम पहुंची। ग्रामीणों ने दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इस बीच घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने शव की बरामदगी की मांग को लेकर सड़क पर नाद और मोटरसाइकिल खड़ी कर घंटों रास्ता जाम किया। पुलिस को विरोध झेलना पड़ा और काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम हटाया गया।

मौके पर पहुंचे सदर-2 के एसडीपीओ संजय कुमार ने स्थिति का जायजा लिया और पूरे रटनाहा बहियार इलाके में पुलिस सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब आठ घंटे की खोजबीन के बाद पुलिस ने नदी किनारे दफनाया गया शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी लीला देवी ने अपने पड़ोसी अर्जुन सदा, गंडोरी सदा, योगेन्द्र सदा और सुरेश सदा सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद आरोप दर्ज कराया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ग्रामीणों ने एतवारी सदा पर जादू-टोना और बीमारी फैलाने का आरोप लगाया था, जो पूरी तरह अंधविश्वास पर आधारित था।

यह घटना समाज में आज भी मौजूद कुरीतियों और अज्ञानता की सच्ची तस्वीर पेश करती है, जो यह दर्शाती है कि शिक्षा और जागरूकता की रोशनी अब भी कई गाँवों तक नहीं पहुंची है।

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