सिटी पोस्ट लाइव
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरौन-जटही सीमा के पास दो चीनी नागरिकों को अनाधिकृत रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करते हुए 48वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने गिरफ्तार किया है। इनके मोबाइल फोन से भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक 50 से अधिक वीडियो बरामद हुए हैं, जो इनकी संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं।
गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिकों में से एक की पहचान वू हेलोंग (उम्र 38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो लियाओनिंग प्रांत, डालियान सिटी, चीन का निवासी है। वू हेलोंग 14 मार्च को टूरिस्ट वीजा पर काठमांडू आया था और फिलहाल उसका वीजा 11 जुलाई 2025 तक वैध है। पूछताछ में उसने बताया कि वह चीन में एक रेस्टॉरेंट चलाता था, लेकिन कोरोना काल के दौरान रेस्टॉरेंट बंद हो गया। अब वह सोशल मीडिया पर ब्लॉगिंग कर रहा है और इसी उद्देश्य से नेपाल आया था। दूसरा चीनी नागरिक शेंग जुन योंग है, जो 27 फरवरी को शंघाई से काठमांडू आया था। वह भी टूरिस्ट वीजा पर नेपाल में है और इससे पहले भी नेपाल का दौरा कर चुका है। उसने बताया कि वह नेपाल अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आया था और इस दौरान वू हेलोंग से मुलाकात हुई।
पूछताछ के दौरान वू हेलोंग ने स्वीकार किया कि उसने 7 मई के बाद इंटरनेट से भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक वीडियो डाउनलोड किए थे। उसने दावा किया कि इन वीडियो को उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया है, बल्कि वह भविष्य में इनका उपयोग व्यू और फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए करना चाहता था। कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी के नेतृत्व में कार्रवाई करने वाली 48वीं बटालियन के सतर्क जवानों ने पिलर संख्या 284/35 के पास दोनों को धर दबोचा। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद दोनों चीनी नागरिकों को हरलाखी थाना को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
कमांडेंट भंडारी ने कहा, “हमारी बटालियन भारत-नेपाल सीमा पर पूरी तरह सतर्क है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा और विदेशी नागरिकों की डिजिटल गतिविधियों पर निगरानी की आवश्यकता को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है। यह मामला केंद्रीय एजेंसियों के लिए भी एक सतर्कता का संकेत है कि सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।