सिटी पोस्ट लाइव
बिहार पुलिस और एसटीएफ (STF) को संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत हनुमान नगर कॉलोनी में हुई एक भीषण मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत को मार गिराया गया। प्रिंस देश के विभिन्न राज्यों में हुई सोना लूट की बड़ी वारदातों, डकैती और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामलों में वांछित था।
हनुमान नगर में STF की सर्जिकल स्ट्राइक
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्णिया और आरा के चर्चित तनिष्क लूटकांड का मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार हनुमान नगर की एक गुप्त लोकेशन पर छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होते ही पटना एसटीएफ और वैशाली पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए ललकारा, तो प्रिंस ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मटन पार्टी देकर PMCH से हुआ था फरार
प्रिंस कुमार केवल एक अपराधी ही नहीं, बल्कि पुलिस को चकमा देने में भी माहिर था। सितंबर 2024 में उसे बेउर जेल से इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) लाया गया था। वहां उसने फिल्मी अंदाज में एक पुलिसकर्मी को ‘मटन पार्टी’ के झांसे में लेकर कमरे में बंद कर दिया और अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। इस घटना के बाद से ही वह बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।
इंजीनियरिंग छात्र से ‘गोल्ड रॉबरी’ का मास्टरमाइंड
वैशाली के गोरौल का रहने वाला प्रिंस कभी इंजीनियरिंग का छात्र था, लेकिन जल्द ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। उसका नाम देश के सबसे बड़े सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह के साथ जुड़ा था। बताया जाता है कि वह अब तक विभिन्न राज्यों से लगभग 300 किलो सोना लूटने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य और रणनीतिकार था। उस पर वैशाली, पूर्णिया, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में हत्या, लूट और डकैती के दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे।
नेपाल तक फैली थी तलाश
फरारी के बाद से प्रिंस को पकड़ने के लिए पुलिस ने नेपाल और अन्य पड़ोसी राज्यों में भी छापेमारी की थी। हाल ही में उसके घर पर कुर्की-जब्ती का इश्तेहार भी चिपकाया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रिंस के खात्मे से सोना लूटने वाले गिरोहों की कमर टूट गई है। फिलहाल पुलिस मुठभेड़ स्थल से साक्ष्य जुटा रही है और उसके अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।