सिटी पोस्ट लाइव : पटना विश्व विद्यालय छात्र संगठन के चुनाव को लेकर जन-सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ा फैसला ले लिया है.गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने चुनाव में पांच उम्मीदवार उतारे थे.पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ने का दावा किया था.लेकिन अचानक आज उन्होंने बड़ा फैसला ले लिया है. प्रशांत किशोर की पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों के नामांकन को वापस ले लिया है.इतना ही नहीं जन-सुराज ने अपने सभी उम्मीदवारों की सदस्यता रद्द करते हुए कांग्रेस पार्टी के छात्र संघ एनएसयूआई का समर्थन का ऐलान कर दिया है. पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष पद के कांग्रेस के उम्मीदवार को जन-सुराज ने अपना समर्थन दे दिया है.
पार्टी का यह कहना है कि पार्टी के उम्मीदवार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ-साथ उनका समर्थन कर रहे थे. इसलिए प्रशांत किशोर के निर्देश पर अब जन सुराज नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया से अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही छात्रा का समर्थन का फैसला ले लिया है. जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा पिछले सप्ताह ही की थी. दिवेश दीनू अध्यक्ष पद, मोहम्मद दानिश वसीम को उपाध्यक्ष पद, ऋतंबना रॉय (महासचिव), अनु कुमारी (संयुक्त सचिव) और बृजेश कुमार को कोषाध्यक्ष का चुनाव लड़ाने का ऐलान किया था.
छात्र संघ के चुनाव में उतरने के बाद आखिरकार प्रशांत किशोर ने क्यों मैदान छोड़ दिया.उनके कांग्रेस छात्र संगठन के समर्थन के क्या मायने हैं, इसको लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा तेज है.क्या विधान सभा चुनाव में भी जन सुराज का कांग्रेस पार्टी के साथ समझौता हो सकता है?राजनीतिक पंडितों का मानना है कि कांग्रेस जिस तरह से आरजेडी से दुरी बनाए हुए हैं.अपने दमखम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, जन-सुराज के साथ उसका चुनावी तालमेल हो सकता है.