सीतामढ़ी के रेड लाइट एरिया से बरामद चार नाबालिग लड़कियों के खुलासे में बस्ती की कुख्यात रानी खातून का अवैध धंधे में दबदबा उजागर हुआ। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि रानी खातून उन्हें जबरन देह व्यापार कराती थी और कमाई का एक पैसा भी उन्हें नहीं देती थी। मामला सामने आने के बाद रेस्क्यू फाउंडेशन, नई दिल्ली के संजय प्रसाद गुप्ता की शिकायत पर रानी खातून को नामजद आरोपित कर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दरअसल, सीतामढ़ी के रेड लाइट एरिया में पुलिस ने रानी खातून और मंजू खातून के घर से नाबालिग लड़कियों को बरामद किया है। रानी के घर से तीन नाबालिग लड़कियां और सिगरेट सहित अन्य आपत्तिजनक सामान मिले, जबकि मंजू के घर से एक नाबालिग मिली। पुलिस ने दोनों महिला दलालों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दरअसल, रेड लाइट एरिया में जब भी छापेमारी होती रही है, अक्सर मंजूर खलीफा और उसकी पत्नी रानी खातून का नाम सामने आता रहा है। इनके घर से बार-बार नाबालिग लड़कियां बरामद होती रही हैं। दोनों पति-पत्नी का इस अवैध बस्ती से पुराना संबंध है और वे बिचौलियों के माध्यम से बाहर से लड़कियों को फंसाकर इस धंधे में शामिल करते रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मंजूर खलीफा ने अपनी एक बेटी को भी इस अवैध धंधे में धकेल दिया है, जबकि उसकी अन्य दो बेटियां इससे दूर हैं।
पिछली छापेमारी में भी मंजूर खलीफा और उसकी पत्नी रानी खातून का अवैध धंधा उजागर हुआ था। उस दौरान असम और कटिहार की कुछ लड़कियां बरामद हुई थीं, वहीं मंजूर के घर से तीन लड़कियां मिलीं, जिनमें दो उसकी ही बेटियां थीं और तीसरी पटना की थी। एक नाबालिग को दरभंगा में उसके प्रेमी ने ही सीतामढ़ी में मंजूर, राजा खलीफा, रमजान खलीफा और आंचल देवी के हाथों नौ लाख रुपये में बेच दिया था। हालांकि, कुछ माह पहले इसी रेड लाइट एरिया से पश्चिम बंगाल की दो लड़कियां बरामद हुई थीं और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। पिछले वर्ष भी मंजूर की दो बेटियों को पकड़ा गया था, जिनकी उम्र क्रमशः 16 और 12 वर्ष थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के अवैध धंधे से दूर रहना चाहती थीं। बड़ी बेटी ने साफ कहा था कि उसका पिता नाबालिग लड़कियों को लाकर उसे इस अवैध धंधे में शामिल करने की कोशिश करता है।