City Post Live
NEWS 24x7

बिहार में 7 दल मिलकर भी BJP के आगे नहीं टिके, 2024 में कैसे लड़ेंगे?

महागठबंधन की एकता पर सुशील मोदी का तंज:

- Sponsored -

- Sponsored -

-sponsored-

सिटी पोस्ट लाइव : BJP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जब बिहार में सात दल मिलकर भी भाजपा का मुकाबला नहीं कर पाए तो 2024 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन कैसे मुकाबला करेगा? मोदी ने महागठबंधन यानी एक एकीकृत मोर्चा बनाने के लिए विपक्ष के प्रयास पर गुरुवार को जमकर निशाना साधा.उन्होंने कहा कि जब महागठबंधन की सात पार्टियां बिहार जैसे छोटे राज्य में भाजपा से लड़ने में विफल रहीं, तो वे देश में 2024 के आम चुनाव में कैसे मुकाबला करेंगे?

मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अपने घर (बिहार) की देखभाल करने में विफल रहे, लेकिन पूरे देश को चलाने की इच्छा रखते हैं. बीते कुछ समय में हमने राज्य में तीन उपचुनाव देखे हैं, जहां महागठबंधन की सात पार्टियों ने पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा था.फिर भी गोपालगंज और कुढ़नी में भाजपा ने उन्हें हरा दिया. मोकामा में बीजेपी उम्मीदवार को 64,000 से ज्यादा वोट मिले और हार का अंतर कम रहा. इससे साफ है कि वे बिहार में भाजपा का सामना करने में नाकाम रहे हैं.ऐसे में वे (महागठबंधन में शामिल दल) देश में भाजपा का मुकाबला कैसे कर सकते हैं? नीतीश कुमार दिल्ली में विपक्षी दलों को एकजुट करने नहीं, बल्कि भ्रष्ट नेताओं को एकजुट करने गए हैं.

मोदी ने कहा कि सीबीआई और ईडी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है इसलिए वे गहरे तनाव में हैं. ये डरे हुए लोग केवल नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं.भाजपा नेता सुशील मोदी ने सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार कर्नाटक में कुमारस्वामी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक समझौता कर सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचारियों को शरण दे रहे हैं.

बता दें कि भाजपा नेता सुशील मोदी का यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के एक दिन बाद सामने आया है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. मोदी ने कहा कि बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव महज 32 साल की उम्र में 52 संपत्तियों के मालिक बन गए हैं.उन्होंने फिर सवाल किया कि क्या जनता एक ईमानदार प्रधानमंत्री का समर्थन करेगी या भ्रष्टाचार में डूबे लोगों की एकता का?

-sponsored-

- Sponsored -

Subscribe to our newsletter
Sign up here to get the latest news, updates and special offers delivered directly to your inbox.
You can unsubscribe at any time

-sponsored-

Comments are closed.