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बाबा बागेश्वर के बल पर लोक सभा चुनाव फतह की BJP की तैयारी.

मगध से लेकर मिथिलांचल तक बहेगी कथा की बयार, महागठबंधन के जातीय समीकरण होगा ध्वस्त?

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में बीजेपी इसबार बाबा के बल पर लोक सभा चुनाव लडेगी.  पटना में धीरेंद्र शास्त्री की कथा हिट होने के बाद अब 6 जगह कथा की तैयारी चल रही है. जाति के बंधन में बंधी बिहार की जनता को एक साथ लाने के लिए उनके भीतर हिंदुत्व का भाव जगाने के लिए बाबा बागेश्वर विशेष अभियान शुरू करने जा रहे हैं.धीरेंद्र  शास्त्री के कथा के कार्यक्रम से जिस तरह से बीजेपी जुडी नजर आई उससे महागठबंधन के नेताओं की चिंता बढ़ गई. बीजेपी के नेता  पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगे-पीछे  लगे रहे.

पटना के पालीगंज में 13 से 17 मई तक हुई हनुमंत कथा के दौरान बिहार के दिग्गज भाजपा नेता आरती उतारते नजर आए. पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, पाटलिपुत्रा सांसद रामकृपाल यादव सहित कई विधायक मंत्री कथा में आरती उतारते नजर आए. आरती तो एक बहाना था, नेताओं को बाबा की कथा में जुटने वाली भीड़ में खुद की इमेज बनानी थी.

आरजेडी के सीनियर लीडर शिवानंद तिवारी ने कथा के आखिरी दिन कहा, बीजेपी धीरेंद्र शास्त्री को आगे रखकर बिहार फतह करने की दिशा में पूरी तैयारी के साथ उतर चुकी है. उन्होंने बाबा के बयान को कोट किया- अगर बिहार की 13 करोड़ जनता में से 5 करोड़ लोग अपने माथे पर तिलक लगाए और अपने अपने घरों पर भगवा ध्वज भी फहराएं तो हिंदू राष्ट्र की कल्पना पूरी हो जाएगी.शिवानंद ने कहा, “अगर पांच करोड़ नहीं तो 1 करोड़ – पचास लाख भी नए लोगों ने अपने माथे पर तिलक लगाना और घरों पर भगवा ध्वज फहराना शुरू कर दिया तो बिहार कैसा दिखाई देने लगेगा?

बिहार सरकार में मंत्री और जदयू के सीनियर लीडर विजय चौधरी कहते हैं कि बाबा तो मुखौटा हैं, असली खेल तो बीजेपी कर रही है. इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी काम कर रही है और वह इसलिए काम कर रही है कि 2024 लोकसभा और 2025 बिहार विधानसभा का चुनाव जीत सकें.पूर्व मंत्री और जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा जनता के बीच भाजपा की साख खत्म हो  गई है, अब धार्मिक प्रवचन में अपनी भूमिका तय कर रहे हैं. संविधान बदलने की कवायद में भाजपा धर्म गुरुओं का इस्तेमाल करना चाहती है, लेकिन वह एक तरफ सनातन का अपमान भी कर रही है.

बिहार में बीजेपी के दो सीनियर लीडर अपने नेताओं की लॉन्चिंग करना चाहते हैं. पहला- पाटलिपुत्रा संसदीय क्षेत्र के सांसद रहे रामकृपाल यादव और दूसरे केंद्रीय राज्यमंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे. दोनों नेता 70 की उम्र पर कर गए हैं. कहा यह जा रहा है कि दोनों नेता लोकसभा में टिकट नहीं मिलने पर अपने बेटों के टिकट की दावेदारी करेंगे.राम कृपाल यादव और अश्विनी चौबे कथा के दौरान 5 दिनों तक काफी एक्टिव नजर आए. कार्यक्रम में रामकृपाल के बेटे अभिमन्यु यादव और अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे तो काफी बढ़चढ़कर दिखाई दिए. पटना से लेकर नौबतपुर तक दोनों नेता पुत्रों के बड़े बड़े होर्डिंग पोस्टर भी दिखाई दिए. पटना में लगी बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स में दोनों नेताओं के बड़े-बड़े फोटो लगे थे. धीरेंद्र शास्त्री की कथा जिस नौबतपुर के तरेत पाली मठ में हुई है, वह पाटलिपुत्रा संसदीय क्षेत्र में ही आता है.

महागठबंधन जाति की राजनीति को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है. जातीय समीकरण को लेकर पार्टी गठजोड़ कर रही है. सरकार जातीय जनगणना के लिए भी पूरा जोर लगा रही है. कथा के बहाने जातियों को एक साथ एक मंच पर लाना महागठबंधन का बड़ा तोड़ होगा. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा जातियों में बंटे लोगों को एक साथ एक मंच पर लाने में पूरी तरह से सफल रही है. इस कारण से अब कथा के विस्तार की तैयारी है.

जिस तरह से पटना में भीड़ उमड़ी अभी तक धीरेंद्र शास्त्री के खुद के स्टेट मध्यप्रदेश में ऐसी भीड़ नहीं उमड़ी थी. बाबा को कहना पड़ा कि लोग कथा सुनने नहीं आए वह घर से ही टीवी और मोबाइल पर कथा सुन सकते हैं. एक दिन में 7 से 10 लाख तक भक्तों की भीड़ हुई. बिहार के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी. पांच दिन के कथा के दौरान नौबतपुर में 30 लाख से अधिक की भीड़ हुई. बाबा के भक्तों की भीड़ ने भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों को  भी सोचने को मजबूर कर दिया है.

मगध क्षेत्र में भाजपा की स्थिति ठीक नहीं है. यहां गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल और नवादा लोकसभा सीट में भाजपा को मात्र एक सीट है. औरंगाबाद संसदीय सीट से भाजपा सांसद सुशील सिंह काफी प्रभावशाली हैं. मगध क्षेत्र में उनका काफी प्रभाव है. माना जा रहा है कि कथा में यह बड़ी भूमिका में आगे आ सकते हैं. गया में भाजपा की नगर सीट पर विधायक प्रेम कुमार हैं, वह पूर्व में कृषि मंत्री भी रह चुके हैं.

गया की कुल 10 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास महज दो सीट है, बाकी पर हम और राजद का कब्जा है. ऐसे में भाजपा गया में कथा कर मगध को पूरी तरह से साधने का प्रयास करेगी. पूरी प्लानिंग तैयार है, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से आगामी कथा गया में होने की घोषणा भी कर दी है. आयोजन समिति के प्रमुख और श्री बागेश्वर बिहार फाउंडेशन के प्रमुख राज शेखर बताते हैं कि होटल फाइनल किया जा रहा है. तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है, पितृ पक्ष के पहले दिन से कथा शुरु होगी. इसमें पटना से अधिक भीड़ होने की उम्मीद है, क्योंकि पिंड दान के लिए देश विदेश से लोग आएंगे.

बक्सर में गंगा पुत्र स्वामी अक्टूबर महीने में 5 दिवसीय बड़े यज्ञ का आयोजन करा रहे हैं. यज्ञ के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा की भी तैयारी है. गंगा पुत्र स्वामी ने कथा के लिए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से संपर्क कर 3 दिनों का समय मांगा है. बक्सर केंद्रीय मंत्री अश्चविनी चौबे का क्षेत्र है. पटना में हुई हनुमंत कथा में भी वह काफी सक्रिय रहे. दिन रात बाबा की सेवा में लगे थे. वह हाल ही में बक्सर में एक बड़ा यज्ञ भी करा चुके हैं.

श्री बागेश्वर बिहार फाउंडेशन के सचिव और आयोजन समिति के प्रमुख राज शेखर बताते हैं कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हार्दिक इच्छा है कि वह मां जानकी की जन्म स्थली सीतामढ़ी में कथा सुनाएं. गुरु जी की इच्छा को लेकर काम चल रहा है. पूरी तैयारी है, आने वाले दिनों में सीतामढ़ी क्षेत्र में जहां मां जानकी का स्थल है, वहां कथा कराई जाएगी.श्री बागेश्वर बिहार फाउंडेशन के सचिव और आयोजन समिति के प्रमुख राज शेखर बताते है कि मुजफ्फरपुर के लोगों ने भी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से संपर्क किया है. वह मुजफ्फरपुर में कथा कराना चाहते हैं. गया के बाद कथा की अगली घोषणा मुजफ्फरपुर के लिए हो सकती है. मुजफ्फरपुर में तो जमीन की भी तलाश की जा रही है. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पटना में कथा के दौरान यह साफ कर दिया है कि वह बिहार में तब तक आते रहेंगे जब तक राम राज्य का सपना पूरा नहीं हो जाता है.

भाजपा अंग क्षेत्र में प्रभाव नहीं बना पाई है. मुंगेर के सम्राट चौधरी को बिहार भाजपा की कमान दी गई है. वह कथा के दौरान काफी सक्रिय रहे हैं. कथा के पहले दिन आरती उतारने वाले भाजपा नेताओं में सम्राट चौधरी ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी के क्षेत्र में कथा का आयोजन होने से क्षेत्र के कई जिलों में भाजपा को ऑक्सीजन मिलेगी. मुंगेर जिले की 3 सीटों में भाजपा एक ही सीट पर है. जमालपुर कांग्रेस और तारापुर में जेडीयू है. जमुई में चार विधानसभा सीट में एक भाजपा के पास है.

बांका में 5 सीटों में 2 भाजपा के पास है. भागलपुर की 6 सीटों में 2 बीजेपी के पास है. सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी खगड़िया से लोकसभा सांसद रह चुके हैं, सम्राट चौधरी की मां भी तारापुर से विधायक रह चुकी हैं. अब सम्राट चौधरी कथा से पूरा अंग क्षेत्र साधने की तैयारी हो सकती है. अंग क्षेत्र में कथा के आयोजन से लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, कटिहार, बेगूसराय और खगड़िया में भाजपा को फायदा होगा.गया में कथा की तैयारी पूरी हो गई है, होटल बुक हो गया है.कथा का स्थल भी फाइनल है. इसके बाद मां जानकी के स्थान पर कथा की तैयारी चल रही है. मुजफ्फरपुर और मधुबनी से भी कथा के लिए संपर्क किया गया है. कथा कराने के इच्छुक लोग गुरु जी से मिल रहे हैं. दरभंगा, बक्सर से भी लोगों ने संपर्क किया है.

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