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महागठबंधन सरकार के खिलाफ आन्दोलन की धमकी.

पूर्व CM मांझी ने की मुफ्त बिजली की मांग, किसानों की सिंचाई व्यवस्था के लिए कर दी बड़ी मांग.

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सिटी पोस्ट लाइव : हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का मन फिर से डोल रहा है.वो बाहर जाने का रास्ता तलाशने लगे हैं.उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ आन्दोलन की धमकी दे दी है.उन्होंने बिहार सरकार से कई बड़ी मांग कर दी है.उन्होंने पांच एकड़ भूमि वाले किसानों को सिंचाई के लिए साथ ही दूसरे राज्यों की तर्ज पर बिहार के लोगों को दो सौ यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग की है.उन्होंने कहा कि हमारी उक्त मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष और आंदोलन होगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे आंदोलन के लिए तैयार रहें.

रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए संतोष कुमार सुमन ने कहा कि इस पार्टी का गठन गरीबों की भलाई के लिए हुआ है.पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं को इस भावना को समझना होगा. ऐसे लोगों को पार्टी भी सम्मान देगी. जिस पार्टी के कार्यकर्ता का मनोबल ऊंचा होता है, वह पार्टी भी आगे बढ़ती है. जिस पार्टी में गुटबाजी होती है, वह पार्टी आगे नहीं बढ़ती है.बैठक में टिकारी विधायक डा. अनिल कुमार, बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी, प्रदेश अध्यक्ष सह सिकंदरा विधायक प्रफुल्ल मांझी, रामेश्वर प्रसाद, जेपी वर्मा, यादव रमेश सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत कार्यकारिणी के सदस्य एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों ने भाग लिया. सभी ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की. –

इस बैठक में मांझी की पार्टी की तरफ से कई मांगें राखी गई.राज्य में भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने और उस पर मकान निर्माण कराने के साथ साथ खेती के लिए उन्हें एक एकड़ भूमि देने की मांग की गई.नवनिर्मित संसद भवन का नाम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने और युवा आयोग/सफाई मजदूर आयोग का गठन करने के साथ साथ साथ .दोहरी मतदाता सूची का निर्माण करने और आरक्षण युक्त एवं एससी-एसटी के लिए विशेष पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति किये जाने की मांग की गई

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