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पटना। राजधानी पटना में चैत्र शुक्ल चतुर्थी से शुरू होने वाले सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह चार दिवसीय अनुष्ठान 1 अप्रैल, सोमवार को नहाय-खाय से आरंभ होगा। इस दिन व्रती गंगा नदी या तालाबों में स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करेंगे और व्रत का संकल्प लेंगे। 2 अप्रैल को खरना का अनुष्ठान होगा, जिसमें गुड़-चावल की खीर, रोटी और फल का प्रसाद ग्रहण कर व्रती 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत का संकल्प लेंगे। 3 अप्रैल को संध्या अर्घ्य के दौरान श्रद्धालु डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे, जबकि 4 अप्रैल की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा। पटना के गंगा घाटों पर इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर
पटना जिला प्रशासन ने छठ पूजा को लेकर गंगा घाटों की सफाई, लाइटिंग, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। छठ व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है। नगर निगम की ओर से घाटों की सफाई कराई जा रही है, वहीं ट्रैफिक पुलिस भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम कर रही है।
छठ पूजा के मद्देनजर पटना की फल मंडियों में नारियल, केला, नींबू और गन्ने की आवक बढ़ गई है। वहीं, पूजा में इस्तेमाल होने वाले सुपली, दउरा, सजीव (गन्ने के पत्तों से बना छत्र) की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। शहर के प्रसिद्ध कदम घाट, महेन्द्रू घाट, राजेन्द्र घाट, भद्रघाट, दीघा घाट समेत अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में व्रती और श्रद्धालु इकट्ठा होंगे। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।