सिटी पोस्ट लाइव
मोतिहारी। रामनवमी के पावन अवसर की पूर्व संध्या पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से शहर में एक विशाल और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का अद्वितीय प्रतीक बनी। हजारों की संख्या में श्रद्धालु श्रीराम ध्वज थामे पदयात्रा करते हुए शोभायात्रा में सहभागी हुए और संपूर्ण शहर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा।

इस शोभायात्रा की खास बात रही अश्वमेध यज्ञ का स्वर्ण-मढ़ित घोड़ा, जो लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। पहली बार इस ऐतिहासिक प्रतीक को शोभायात्रा में शामिल किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। शोभायात्रा की शुरुआत मोतिहारी स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर से पूजा-अर्चना के साथ हुई और यात्रा नगर के विभिन्न चौकों, चौराहों से होते हुए पुनः उसी मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की उमंग और भक्ति देखते ही बन रही थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भव्य आयोजन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, वहीं एसडीएम और एएसपी खुद शोभायात्रा के साथ चलते हुए सुरक्षा स्थिति का जायजा लेते नजर आए। पूरे कार्यक्रम में शांति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। समाजसेवी यमुना शिकारिया ने बताया कि इस वर्ष पहली बार शोभायात्रा में अश्वमेध यज्ञ का गोल्ड प्लेटेड घोड़ा सम्मिलित हुआ है और जब तक यह यज्ञ घोड़ा अयोध्या नहीं पहुंचता, तब तक हर वर्ष रामनवमी की शोभायात्रा का हिस्सा बना रहेगा।

यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सांस्कृतिक समरसता और समाज में एकता के संदेश को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती नजर आई। रामनवमी पर आयोजित इस तरह के आयोजन समाज में धर्म और परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करते हैं।