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नई नियमावली को लेकर माले की CM नीतीश को चेतावनी.

शिक्षक नियुक्ति की नई नियमावली के विरोध में आंदोलन करेगा भाकपा माले, गिनाईं 6 खामियां.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार सरकार ने बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए शिक्षक की बहाली के लिए विज्ञापन निकाल दिया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया का विरोध शुरू हो गया है. भाकपा माले ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी विरोध शुरू कर दिया है. माले ने तो यहां तक चेतावनी दे दी कि अगर सरकार नियमावली में सुधार नहीं करेगी तो विरोध के लिए पार्टी सड़क पर उतरेगी.सीपीआई (एमएल) के विधायक महबूब आलम के अनुसार, दरअसल यह विरोध नई नियमावली को लेकर है, जिसके जरिए बीपीएससी से बिहार में शिक्षकों की भर्ती होगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर वह नियमवाली है क्या और इसका विरोध क्यों किया जा रहा है.

नई नियमावली है के अनुसार  बिहार के स्थायी निवासी ही शिक्षक बन सकेंगे. पूर्व से सीटेट, बीटेट, एसटीईटी, टीईटी परीक्षा पास अभ्यर्थियों को भी फिर से पास करनी होगी बीपीएससी की परीक्षा, बीपीएससी पास शिक्षकों को ही राज्यकर्मी का मिलेगा दर्जा, पुराने लगभग 4 लाख नियोजित शिक्षकों को भी इसके लिए बीपीएससी की परीक्षा पास करनी होगी, तीन मौकों के बाद भी सफल नहीं होने पर बिना राज्यकर्मी का दर्जा पाए ही सेवानिवृत्त होंगे और  पुराने नियोजित शिक्षकों को उम्र सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी.

शिक्षक भी इस नई नियमावली का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि राज्यकर्मी का दर्जा और तमाम सुविधाएं पाने के लिए उन्हें फिर से बीपीएससी की परीक्षा पास करनी होगी. यही वजह है कि नीतीश कुमार के साथ सत्ता में साथ बैठी माले भी नीतीश का विरोध कर रहा है. माले का मानना है की जो एसटीईटी पास या या नियोजित शिक्षक है जो जिसको नितीश कुमार ही कई माध्यम से बहाल कर चुके हैं, या जो पहले से कार्यरत हैं, उनको सरकार राज्यकर्मी का दर्जा दे, नहीं तो विरोध होगा ही.

नई नियमावली के अनुसार, जब शिक्षक की बहाली बीपीएससी के माध्यम से होगी तो दूसरी ओर दशकों से शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे नियोजित शिक्षकों को भी राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए बीपीएससी की परीक्षा देनी होगी. अब सवाल यह है कि एक नौकरी पाने के लिए एक व्यक्ति को आखिर कितनी बार परीक्षाएं देनी होगी. बिहार में हजारों शिक्षक अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पूर्व से ही शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर पिछले 4 सालों से नियुक्ति के इंतजार में लाठियां खा रहे थे. अब नई नियमावली के अनुसार, वे भी बीपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद ही शिक्षक बन पाएंगे.

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