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पटना। राजगीर में आयोजित होने वाली विद्या भारती अखिल भारतीय साधारण सभा की तैयारियों को लेकर शनिवार को विद्या भारती कार्यालय, पटना में एक महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक शैक्षिक योजनाओं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी, जिसमें भारती शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश मंत्री श्री भरत पूर्वे और प्रदेश सचिव श्री प्रदीप कुमार कुशवाहा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में साधारण सभा सम्मेलन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित सुविधाओं, व्यवस्थाओं, सहभागिता और कार्यक्रम प्रबंधन पर विस्तृत रूप से विमर्श हुआ। खासतौर पर यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि देशभर से आने वाले प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए व्यापक और समन्वित कार्ययोजना तैयार की गई।
गौरतलब है कि यह साधारण सभा एक राष्ट्रीय स्तर का शैक्षिक सम्मेलन है, जिसमें भारत के विभिन्न प्रांतों से 400 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह सम्मेलन “लघु भारत” की झलक प्रस्तुत करेगा, जहां देश की संस्कृति, शिक्षा और सेवा क्षेत्र से जुड़े विविध अनुभव और विचार साझा किए जाएंगे। सम्मेलन में आने वाले सभी प्रतिनिधियों को एक सशक्त और प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करना विद्या भारती की प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान कई गणमान्य शिक्षाविदों ने भी अपनी राय और सुझाव प्रस्तुत किए, जो आगामी सम्मेलन को और भी प्रभावी एवं समावेशी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उत्तर-पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख निर्माल्य जी, प्रदेश कार्यालय प्रमुख श्री रामचंद्र आर्य, श्री देवानंद दूरदर्शी, श्री राकेश कुमार मिश्र, श्री राजेश कुमार, श्री सुसुम यादव, श्री अमित कुमार तथा श्री देवेन्द्र कुमार सहित कई अन्य कार्यकर्ता एवं संगठन प्रतिनिधि इस बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह भी रहा कि शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती द्वारा किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा को साझा किया जाए और आने वाले सम्मेलन के माध्यम से देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के बीच एकरूपता, संवाद और सेवा की भावना को और भी सुदृढ़ किया जाए। अंततः, यह बैठक शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित प्रयासों और राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित एकता की मिसाल बनकर उभरी। सभी उपस्थितजनों ने यह संकल्प लिया कि वे सम्मेलन को शत-प्रतिशत सफल बनाने हेतु तन, मन और धन से अपना योगदान देंगे।