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गंडक बराज से छोड़ा पानी, प. चंपारण में बढ़ा बाढ़ का ख़तरा.

1.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. यह इस सीजन में अभी तक का सबसे अधिक है. 

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार और  नेपाल में लगातार हो रही बारिश की वजह से  गंडक, सिकरहना समेत अन्य पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. शनिवार की सुबह वाल्मीकि बराज से लगभग 1.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. यह इस सीजन में अभी तक का सबसे अधिक है. वाल्मिकी बराज से पानी छूटते ही बगहा शहर पर पानी का दबाव बढ़ गया है. शास्त्रीनगर के पास नदी ओवरफ्लो होकर नगर से सट कर बहने लगी है. ऐसे में आसपास के लोगों को कटाव का डर सताने लगा है.

नदी में ओवरफ्लो होने से कटावरोधी कार्य में लगे इंजीनियरों को परेशानी हो रही है. हाल ही में ठकराहां के हरखटोला शिवपुर मुसहरी में क्षतिग्रस्त हुए बेडवार ठोकरों को दुरुस्त किया गया है. जिलाधिकारी (डीएम) दिनेश कुमार राय तथा चीफ इंजीनियर के निर्देशों के अनुसार हरखटोला शिवपुर मुशहरी समेत पीपी तटबंध के ठोकरों की निगरानी की जा रही है. नेपाल व तराई क्षेत्र में हुई बारिश से शनिवार की सुबह से योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर रखही, खाप टोला, गजना, वैसिया, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के गांव में लोगों की नींद उड़ गयी है.

समझने वाली बात है कि नरकटियागंज व गौनाहा में पंडई, हड़बोड़ा, मनियारी समेत आधा दर्जन पहाड़ी नदियों में भी तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है. इससे गौनाहा के मुरलीभरहरवा समेत नरकटियागंज के दर्जन भर गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता विष्णुदेव पासवान का कहना है कि शास्त्रीनगर के पास नदी ओवरफ्लो होने से कटावरोधी कार्य में परेशानी हो रही है. बावजूद इसके वहां की स्थिति नियंत्रण में है. अभियंता वहां लगातार कैंप कर रहे हैं.स्थानीय लोगों ने एसडीएम से नदी के कटाव से बचाव को लेकर किए जा रहे कार्य पर असंतोष व्यक्त किया. लोगों का कहना है कि जिस तरह से कार्य हो रहा है, यह प्रतीत होता है कि इस बार नदी के कटाव से उनका घर नहीं बच पाएगा.

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