सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के जहानाबाद में एक नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से सुलग उठा है। मंगलवार को पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उसके पैतृक गांव से जहानाबाद जिला मुख्यालय तक 25 किलोमीटर लंबी विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में ‘छात्रा के सम्मान में पूरा बिहार मैदान में’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जहानाबाद और अरवल जिलों के हजारों युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने इस प्रदर्शन को एक व्यापक जनांदोलन का स्वरूप दे दिया है।
गांव-गांव हुआ स्वागत, जन-जन जुड़ा साथ
यह पदयात्रा पीड़िता के गांव से शुरू होकर शकुराबाद, बभना और अरवल मोड़ होते हुए जहानाबाद समाहरणालय तक पहुंची। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों का जज्बा कम नहीं हुआ। रास्ते में ग्रामीणों ने पदयात्रियों के लिए पानी, शर्बत और नाश्ते का इंतजाम कर इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश था कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक ठोस न्याय नहीं मिल सका है।
पप्पू यादव का हुंकार: ‘सड़क से सदन तक लड़ेंगे’
इस आंदोलन को धार देने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी पहुंचे। समाहरणालय के समीप आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। पप्पू यादव ने कहा, “शुरू से ही इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को कम करके दिखाया, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में देरी हो रही है। हम खामोश नहीं बैठेंगे, सड़क से लेकर संसद तक इस बेटी के लिए आवाज उठाएंगे।”
बेटियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
पदयात्रा में शामिल ब्रह्मेश्वर मुखिया की पुत्रवधू रूबी देवी ने कहा कि अब महिलाओं पर अत्याचार बर्दाश्त करने की सीमा समाप्त हो चुकी है। वक्ताओं ने एक स्वर में प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा देने की मांग की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीओ राजीव रंजन सिन्हा और एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी के नेतृत्व में आधा दर्जन थानों की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पदयात्रा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी।