बिहार के हर गांव में बनेगा एक खेल मैदान

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के हर गांव में खेल मैदान बनाने का अहम निर्णय लिया है। बिहार में कुल 6047 खेल मैदानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन खेल मैदानों का निर्माण मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना) के तहत किया जाएगा। इन मैदानों का मकसद न केवल युवाओं को खेलों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है, बल्कि यह सिपाही और अग्निवीर की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी सहायक साबित होगा, क्योंकि इन खेल मैदानों में रनिंग ट्रैक भी बनाए जाएंगे।

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इन खेल मैदानों में फुटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए सुविधाएं तैयार की जाएंगी, ताकि युवाओं को विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले। हर एक खेल मैदान पर लगभग 9 से 10 लाख रुपये खर्च होंगे, और इस पूरी योजना के लिए राज्य सरकार की ओर से लगभग छह अरब 47 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राज्य के कुल 8053 पंचायतों में से हर पंचायत में कम से कम एक खेल मैदान बनाने की योजना है। हालांकि, फिलहाल केवल 82 प्रतिशत पंचायतों में ही खेल मैदान बनाने के लिए ज़मीन उपलब्ध हो पाई है, जबकि 2408 पंचायतों में खेल मैदान के लिए कोई स्थान अभी तक चिह्नित नहीं किया जा सका है।

इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद राज्य में खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके अलावा, सिपाही और अग्निवीर बनने के लिए तैयारी कर रहे युवाओं को भी विशेष ध्यान में रखते हुए रनिंग ट्रैक बनाए जाएंगे। यह युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर होगा, ताकि वे अपनी शारीरिक दक्षता को बढ़ा सकें और अपनी परीक्षा की तैयारी में मदद पा सकें।

राज्य के विभिन्न जिलों में खेल मैदानों के निर्माण की योजना है: वैशाली जिले में 144, बेगूसराय में 131, भोजपुर में 144, नालंदा में 151, सारण में 214, पश्चिम चंपारण में 208, मुजफ्फरपुर में 261, गोपालगंज में 167, दरभंगा में 229, सीतामढ़ी में 196, पटना में 236, सुपौल में 135, सीवान में 228, सहरसा में 111, कटिहार में 194, पूर्णिया में 194, समस्तीपुर में 293, अररिया में 192, मधेपुरा में 152, औरंगाबाद में 193, गया में 307 और रोहतास में 223 खेल मैदान बनेंगे।

कुछ जिलों में खेल मैदानों की संख्या कम है, जैसे खगड़िया में 53, शिवहर में 25, मुंगेर में 52, बक्सर में 92, शेखपुरा में 38, अरवल में 52 और जहानाबाद में 79 खेल मैदान चिह्नित किए गए हैं।

वहीं, राज्य के कुछ जिलों में पंचायतों की संख्या से भी अधिक खेल मैदान चिह्नित किए गए हैं। इनमें जमुई में 152, नवादा में 183, कैमूर में 147, भागलपुर में 243, किशनगंज में 129, पूर्वी चंपारण में 409, मधुबनी में 401, लखीसराय में 80 और बांका में 194 खेल मैदान शामिल हैं।

 

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