नीतीश कुमार को क्यों हराना चाहते हैं प्रशांत किशोर.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : प्रशांत किशोर देश के जानेमाने चुनावी रणनीतिकार हैं.कई दलों और नेताओं के लिए काम कर चुके हैं.अब अपनी पार्टी बनाकर बिहार में चुनाव लड़ रहे हैं तो उनको ये पता है कि वगैर नीतीश कुमार को मात दिए बिहार में NDA को हराना मुश्किल है.ये तो तय है कि नीतीश और बीजेपी की जोड़ी को हराना आसान नहीं है.प्रशांत किशोर को भरोसा है कि 18 साल से राज कर रहे नीतीश कुमार बूढ़े हो चुके हैं.आखिरी पारी खेल रहे हैं ,ऐसे में उनके राजकाज से नाराज लोगों की नाराजगी को चुनाव में भुनाया जा सकता है.

प्रशांत किशोर बीजेपी और तेजस्वी यादव की जगह सबसे ज्यादा हमलावर नीतीश कुमार पर हैं.वो जानते हैं कि नीतीश कुमार को कमजोर किये वगैर वो बिहार की राजनीति में अपने लिए खास जगह नहीं बना सकते.इसलिए वो लगातार नीतीश कुमार को घेरते नजर आते हैं.वो जनता से नीतीश कुमार को हराने  की मांग करते नजर आते हैं. बिहार में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर फिर से निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था का पतन उनके शासन का काला अध्याय होगा. प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय शराबबंदी स्वच्छता मिशन और चुनाव कार्यों में लगाया जा रहा है. शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने से दो पीढ़ियां प्रभावित हुई हैं.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा, यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कल को अगर एक अच्छी सरकार आ जाए और नीतीश कुमार हट जाएं, तो संभव है कि टूटी सड़कें बन जाएं और लोगों को रोजगार मिल जाए, लेकिन नीतीश-राज में ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था से लिख-पढ़कर जो दो पीढ़ियां निकल चुकी हैं, उसका जीवन अब सुधरने वाला नहीं. उन्हें जीवन भर शिक्षित समाज के पीछे ही चलना होगा.प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षक और शिक्षण संस्थान वस्तुत: पढ़ाई का माध्यम नहीं रह गए हैं. उनके माध्यम से सरकार शराबबंदी का काम करा रही. शिक्षकों को कभी स्वच्छता मिशन तो कभी राशन कार्ड बांटने का काम दिया जाता है और कभी मतदाता सूची बनाने में लगा दिया जाता है.

उन्होंने कहा कि उनसे वे सभी कार्य कराए जाते हैं, जो उनके कर्तव्य में सम्मिलित नहीं. एक बार चुनाव आ जाए, तो स्कूल बंद करके शिक्षकों को दो महीने तक चुनाव कार्यों में लगा दिया जाता है.प्रशांत किशोर ये नहीं कहते कि उनके दल को जितना जरुरी है.वो कहते हैं नीतीश कुमार को हराना जरुरी है.

Share This Article