सिटी पोस्ट लाइव
सहरसा: सहरसा नगर निगम ने मंगलवार को रेलवे की सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन और रेल प्रशासन ने संयुक्त प्रयासों से अभियान की शुरुआत कर दी। इस कार्रवाई के दौरान रेलवे अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर कई अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। यह देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई ने इसे एकतरफा कार्रवाई करार देते हुए विरोध जताया।
रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने का यह अभियान सहरसा के चांदनी चौक से शुरू होकर सब्जी मंडी, बंगाली बाजार जैसे अन्य इलाकों तक फैला। इस दौरान, अतिक्रमणकारी दुकानदारों की दुकानों को तोड़ा गया और उनके सामान को भी नष्ट कर दिया गया। कई दुकानदारों ने रेलवे की इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। सहरसा के कहरा अंचलाधिकारी मनीषा कुमारी ने बताया कि समस्तीपुर मंडल के डीआरएम के निर्देश पर रेलवे की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न स्थानों पर रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हटाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। रेल प्रशासन ने साफ किया कि यह अभियान एक फरवरी तक जारी रहेगा। अभियान के दौरान रेलवे के अधिकारियों, रेल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी ने सुनिश्चित किया कि यह कार्रवाई शांति और व्यवस्था के साथ पूरी हो। एक ओर प्रशासन इसे सरकारी जमीन की सुरक्षा का कदम मान रहा है, वहीं प्रभावित दुकानदार इसे अपनी आजीविका पर हमला मान रहे हैं। अतिक्रमणकारियों के विरोध के बावजूद प्रशासन का कहना है कि रेलवे की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करने के लिए इस तरह की कार्रवाई अनिवार्य है।