सिटी पोस्ट लाइव : केंद्र की मोदी 3.0 आज शनिवार यानी 1 फरवरी को अपने तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्णकालिक बजट पेश करने जा रही है.बिहार सरकार खासतौर पर जेडीयू को इस बजट से बड़ी उम्मीद है.जेडीयू के सांसद संजय झा ने शुक्रवार को कहा कि बिहार को स्पेशल स्टेटस नहीं, स्पेशल पैकेज की जरूरत है. यह बहुत महत्वपूर्ण सत्र है. पिछले साल भी प्रधानमंत्री ने बिहार पर विशेष ध्यान दिया था और उम्मीद है कि वह इस परंपरा को जारी रखेंगे. बिहार को बजट से बहुत उम्मीदें हैं.
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने जब पूर्ण बजट पेश किया तो बिहार के लिए भारत सरकार ने अपना खजाना खोल दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2024-25 के लिए बिहार को 58,900 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई. इसके साथ ही बिहार को 3 एक्सप्रेसवे की सौगात के साथ ही कोसी नदी पर डैम बनाने के लिए हाईपावर कमेटी बनाई गई थी. भागलपुर के पास कहलगांव में एक बिजली प्रोजेक्ट भी बिहार को दिया गया था. इसके अलावा रेलवे की ओर से भी कई सौगात बिहार को मिली थी. कई रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने का ऐलान किया गया था और इन पर काम भी चल रहा है. कई नई ट्रेनें बिहार से शुरू की गई थीं.
2024 के बजट में बिहार में आवागमन दुरुस्त करने के लिए मोदी सरकार ने 6,800 करोड़ रुपए की लागत से गंगा पर पुल की मंजूरी दी थी. इसके अलावा दरभंगा में एयरपोर्ट की शुरुआत की गई तो मधुबनी में 175 करोड़ के प्रधानमंत्री सड़क योजना तथा 230 करोड़ की लागत से असम-दरभंगा एक्सप्रेस वे को मंजूरी दी गई. बक्सर के चौसा में 1360 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो गया जबकि कोसी नदी 130 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना को मंजूरी मिली. बिहार को स्वावलंबी बनाने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए गया,
भागलपुर और पटना में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई. बिहार को संस्कृति और अध्यात्म के विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रयास हिन्दू, जैन के साथ बौद्ध धर्म से जुड़े राजगीर के धार्मिक स्थलों के विकास और गया में विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर के माध्यम से किया जा रहा है.आंकड़ों पर गौर करें तो बिहार को पूंजीगत व्यय, निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता के अंतर्गत 2023-24 में 8,814 करोड़, 2022-23 में 8,455 करोड़, 2021-22 में 1,246 करोड़, 2020-21 में 843 करोड़ रुपए दिए गए, जो बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं