सहरसा। सहरसा जिले के कनरिया थाना क्षेत्र के केलाबाड़ी गांव में पुरानी जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में एक पक्ष के तीन महिलाओं समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए खगड़िया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत बच्चों के बीच मोबाइल फोन पर हंसी-मजाक को लेकर हुई। देखते ही देखते यह मामूली झगड़ा बढ़ गया और परिवारों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। इस दौरान गोपाल बिंद अपने परिवार और अन्य सहयोगियों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंचा और दूसरी ओर के लोगों पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से अफरा-तफरी मच गई, और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों में तीन महिलाएं शामिल हैं, जो बुरी तरह से घायल हुई हैं। परिवार के अन्य लोगों ने आनन-फानन में सभी घायलों को खगड़िया सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर करने की बात भी कही जा रही है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के लोगों ने कनरिया थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला सुनियोजित था और गोपाल बिंद ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से लैस होकर हमला किया।

गांव में तनाव का माहौल
घटना की सूचना मिलते ही कनरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कह रही है। फिलहाल, गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, और पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी सतर्कता बरत रही है। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी गुस्सा देखा जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि भूमि विवाद का यह झगड़ा पहले भी कई बार बढ़ चुका था, लेकिन समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, जिससे अब यह हिंसक झड़प में बदल गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। भूमि विवाद को लेकर हुई इस हिंसक झड़प ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। चार लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पुलिस भी मामले की छानबीन में जुटी हुई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।