- गंभीर रूप से घायल बालक ने पटना ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
सिटी पोस्ट लाइव
आरा। बिहार के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में रविवार रात एक शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने मासूम की जान ले ली। जयमाल के समय चली गोली 8 वर्षीय आशीष कुमार को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में सनसनी मच गई। मृतक आशीष कुमार, तेतरिया गांव निवासी सिंटू कुमार का बेटा था और दूसरी कक्षा का छात्र था। इस दुखद घटना के बाद उसके परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
सड़क जाम और आगजनी कर ग्रामीणों ने किया विरोध
बालक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने तेतरिया मोड़ के पास शव को रखकर सड़क जाम कर दिया। विरोध में टायर जलाकर आगजनी भी की गई, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। करीब ढाई घंटे तक यह हंगामा चला, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही उदवंतनगर थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए और जाम हटाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
परिजनों ने हत्या की साजिश का लगाया आरोप
मृतक के चचेरे दादा बबन सिंह ने इस हत्या को साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 दिसंबर 2023 को उनके चचेरे भाई रामायण सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में वह 19 फरवरी को कोर्ट में गवाही दे चुके थे, जबकि मृतक के पिता सिंटू कुमार की गवाही 11 मार्च को होनी थी। बबन सिंह के अनुसार, आरोपी निरंतर सिंह ने कोर्ट में उन्हें गवाही न देने की धमकी दी थी। रविवार रात पड़ोसी रामबच्चन की बेटी की शादी थी, जिसमें आशीष अपने माता-पिता और परिवार के साथ शामिल हुआ था। जयमाल के समय अचानक हर्ष फायरिंग शुरू हो गई और एक गोली आशीष के सिर में जा लगी।

पटना ले जाते वक्त मौत, परिवार में मचा कोहराम
परिजन घायल आशीष को लेकर आरा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां से उसे गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया। लेकिन पटना पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आशीष की मां मधु देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि आशीष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसका परिवार पूरी तरह टूट गया है।
परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की
मृतक के परिजनों ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि हत्या पूर्व नियोजित थी और इसके पीछे गवाही देने का कारण है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। हर्ष फायरिंग के कारण पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस पर सख्त कार्रवाई न होने से लोगों की जान जा रही है। पुलिस प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।