विभागीय महिला शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

पटना। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की प्रांतीय इकाई, भारती शिक्षा समिति बिहार से संबद्ध सरस्वती विद्या मंदिर, कुम्हरार के तत्वावधान में पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक दिवसीय महिला शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ हुआ, जिसे राष्ट्र सेविका समिति, पटना विभाग की महानगर बौद्धिक प्रमुख शैलबाला जी, सरस्वती विद्या मंदिर, शास्त्री नगर की सचिव एवं विभाग सह प्रमुख उर्मिला कुमारी जी, प्रधानाचार्य राजेश कुमार नंदन और उप प्रधानाचार्य अभय कुमार लाभ ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।

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शिविर की शुरुआत वंदना सभा से हुई, जिसमें अतिथियों का परिचय आचार्या लवली जी ने कराया और सम्मान प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार नंदन द्वारा प्रदान किया गया। शिविर की प्रस्तावना आचार्या चंचला जी ने रखी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वक्ता श्रीमती शशिबाला रावल जी ने देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, समाज और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

उन्होंने उपस्थित सभी आचार्याओं से आग्रह किया कि वे अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपने परिवार, समाज और विशेष रूप से माताओं-बहनों के बीच प्रसारित करें। विशिष्ट अतिथि श्रीमती उर्मिला कुमारी जी ने वर्तमान समय में समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन और सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी आचार्याओं को प्रेरित किया कि वे देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से सीख लेकर समाज सुधार में योगदान दें।

इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित 20 मिनट का वृत्तचित्र दिखाया गया। साथ ही, शिविर के अंत में आचार्याओं के बीच त्वरित प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

धन्यवाद ज्ञापन सह प्रधानाचार्य श्री अभय कुमार लाभ द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम्’ और माताओं के शपथ ग्रहण के साथ हुआ। मंच संचालन का दायित्व आचार्या लवली जी ने निभाया। इस अवसर पर निभा सिंह, मधु मालती कुमारी, अमृता सिन्हा, सीमा सिंह, सविता शालिनी, माधवी कुमारी, रीना कुमारी, परमा बाडेकर सहित कई अन्य मातृशक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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