सिटी पोस्ट लाइव : आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गई है. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में कलश स्थापना के साथ आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गई है. रेवती नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का सुयोग बन रहा है. सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है.देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. हाथी पर भगवती के आगमन से बारिश, सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हिंदू नववर्ष के साथ शुरू होने के कारण ये साल की पहली नवरात्रि होती है. इस नए संवत्सर के राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य होंगे. ब्रह्म पुराण के मुताबिक ब्रह्मा ने आज ही के दिन सृष्टि की रचना की थी.
नवरात्र के दौरान श्रद्धालु निराहार, फलाहार या फिर दिन में फलाहार और रात्रिकाल में शुद्ध सात्विक भोजन कर देवी दुर्गा की आराधना करते हैं.चैत्र नवरात्र 7 अप्रैल सोमवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. इस नवरात्र का आरंभ और समापन सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रहा है. ऐसे शुभ संयोग में भगवती की उपासना करने से श्रद्धालुओं पर भगवान भास्कर व माता लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है.
शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रतिपदा तिथि: दोपहर 02:24 बजे तक है.चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: प्रातः 07:17 बजे से 11:54 बजे तक है.अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:29 बजे से 12:19 बजे तक है.शुभ योग मुहूर्त: दोपहर 01:27 बजे से 02:59 बजे तक रहेगा.