सिटी पोस्ट लाइव
पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोपालगंज की रैली में राजद और लालू परिवार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने 19 मिनट के भाषण में 18 बार लालू प्रसाद यादव का नाम लिया और उन्हें जंगलराज का प्रतीक बताया। लेकिन शाह के इन हमलों का जवाब देने में भी राजद ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव ने अमित शाह पर तीखे तंज कसे और भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
अमित शाह कह रहे हैं कि अगर भाजपा की सरकार बनी तो बिहार में बाढ़ नियंत्रण पर काम किया जाएगा। क्या पिछले 20 साल से बिहार में तालिबान की सरकार थी? भाजपा की उपलब्धियों के नाम पर कुछ नहीं है, तो अब झूठे वादे करके जनता को गुमराह किया जा रहा है।
– तेजस्वी यादव
अगर बिहार में हमारी सरकार बनती है तो बाढ़ नियंत्रण पर काम किया जाएगा। जंगलराज वापस नहीं आने देंगे। लालू-राबड़ी के शासन में बिहार में कानून व्यवस्था का बुरा हाल था।
– अमित शाह, गृह मंत्री
राजद ने भाजपा पर हमला तेज करते हुए सोशल मीडिया पर भी अमित शाह की रैली को निशाने पर लिया। पार्टी के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया, “अमित शाह ने अपने 19 मिनट के भाषण में 18 बार परम पूजनीय लालू यादव जी का नाम लिया। यह वही लालू यादव हैं, जो 20 साल से सत्ता से बाहर हैं। सोचिए, उनका नाम इतना बड़ा है कि तड़ीपार को रातों में भी लालू यादव के ही सपने आते हैं।”
लालू का तंज: शाह को रात में भी मेरा सपना आता है
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी अमित शाह के हमलों पर करारा जवाब दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “अमित शाह कह रहे हैं कि अगर उन्हें एक और मौका मिला, तो वे बिहार में बाढ़ नियंत्रण पर काम करेंगे। तो क्या पिछले 20 साल से वे बाढ़ का आमंत्रण भेज रहे थे?” लालू ने भाजपा की विकास नीतियों पर भी सवाल उठाया और कहा कि बिहार में अब तक भाजपा गठबंधन की ही सरकार थी, लेकिन अब चुनावी माहौल में झूठे वादे किए जा रहे हैं।
राजद ने यह भी आरोप लगाया कि अमित शाह की पूरी रैली एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी। दरअसल, भाजपा अब लालू यादव और जंगलराज की कहानी को दोहराकर युवाओं को डराने की कोशिश कर रही है। पार्टी जानती है कि 90 के दशक के कथित जंगलराज को याद करने वाले वोटर्स अब कम हो रहे हैं, इसलिए बार-बार लालू का नाम लेकर उन्हें पुराने दौर की याद दिलाने की रणनीति बनाई जा रही है।
RJD का पलटवार: लालू का नाम लिए बिना भाजपा अधूरी
राजद ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह की पूरी राजनीति अब लालू यादव के नाम पर टिकी हुई है। “जिस लालू यादव को 20 साल पहले सत्ता से बाहर किया गया था, आज भी भाजपा उन्हीं के नाम से राजनीति कर रही है। यह साफ दिखाता है कि बिहार में भाजपा के पास लालू यादव के नाम के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचा है।”
तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा सिर्फ डर और भ्रम फैलाकर वोट बटोरना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा को सच में बिहार की चिंता होती, तो वह इतने सालों में बाढ़ नियंत्रण, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर काम करती।
अमित शाह की इस रैली ने बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। भाजपा एक बार फिर से लालू राज और जंगलराज की कहानियों को दोहराकर चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि राजद इसे भाजपा की हताशा करार दे रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच किसका साथ देती है।