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पटना: यह देखिए, राजद के युवराज तेजस्वी यादव सत्तू खा रहे हैं और वह भी कहां। अपने विधानसभा क्षेत्र में एक दलित के घर जाकर। अपने दलित वोटर के घर सत्तू खाकर तेजस्वी यादव बिहार के दलितों को एक बड़ा मैसेज देने की कोशिश कर रहे हैं। और वह मैसेज है कि तेजस्वी यादव दलितों के कितने हमदर्द हैं, लेकिन उनसे एक गलती हो गई और इस गलती को जनता दल यूनाइटेड के दलित नेताओं ने पकड़ लिया। अब जदयू के दलित नेता तेजस्वी यादव पर खूब तंज कस रहे हैं और उन्हें खूब सुना रहे हैं जबकि राजद के दलित नेताओं से अपने युवराज तेजस्वी यादव का बचाव करते नहीं बन रहा।
JDU के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने तेजस्वी यादव से पूछा है कि तेजस्वी जी, बड़ा अच्छा लगा आप एक दलित परिवार के घर सत्तू खाने गए, लेकिन अपने साथ सत्तू सानने के लिए आप मिनरल वाटर की बोतल क्यों लेकर गए? क्या दलित के घर का पानी आप नहीं पीना चाहते, इसलिए? दरअसल, तेजस्वी यादव जब सत्तू सान रहे थे तब उन्होंने मिनलर वाटर का इस्तेमाल सत्तू सानने से लेकर पानी पीने तक के लिए किया। तेजस्वी यादव राघोपुर के रामपुर पंचायत निवासी लगनदेव दास के आवास पर आज सत्तू खाने गए थे। उनकी पार्टी ने इसका खूब प्रचार किया, लेकिन अब यह पूरा मामला उल्टा पड़ता दिख रहा है और राजद नेता बगले झांक रहे हैं।
JDU के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने पूछा है कि तेजस्वीजी आपने दलित के घर जाकर सत्तू का सेवन तो किया लेकिन मिनरल वॉटर के साथ। दलित के घर का पानी पीना मुनासिब नहीं समझा आपने। इतना ही नहीं, आपने दलितों के घर के बरतन का इस्तेमाल सत्तू खाने के लिए नहीं किया, बल्कि पीतल और कांसा के बरतन का इस्तेमाल किया। जेडीयू के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि इससे पता चलता है कि तेजस्वी यादव के मन में दलितों के लिए कितनी घृणा है।