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प्रवर्तन निदेशालय (ED) पटना यूनिट ने मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। ED ने PMLA एक्ट, 2002 के तहत विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है।
इस केस में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के साथ उनके पुत्र डॉ. अशोक कुमार, भाई अवधेश प्रसाद और “प्यारी देवी मेमोरियल वेलफेयर ट्रस्ट” को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कार्यकाल के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपनी वैध आय के स्रोतों से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की, और इसे छिपाने के लिए पारिवारिक सदस्यों और ट्रस्ट के नाम पर लेन-देन किए गए। ED की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रस्ट के माध्यम से फंडिंग, बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन, और हवाला नेटवर्क के जरिए बड़ी मात्रा में धन को इधर-उधर किया गया। संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में भी अनियमितताओं के प्रमाण मिलने के बाद अब एजेंसी संपत्ति कुर्की और पूछताछ की प्रक्रिया को तेज़ करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, ED ने ट्रस्ट के बैंक खातों, डोनेशन रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। “यह सिर्फ शुरुआत है। अभी कुछ और बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं, एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया। आरोपियों की संपत्तियों की सीजिंग और कुर्की की जा सकती है, पूछताछ के लिए समन जारी हो सकते हैं, ट्रस्ट के डायरेक्टर्स और लाभार्थियों से भी पूछताछ संभव,मामले में जुड़े और लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी
पूर्व कुलपति के घर ED का छापा, और भी नाम होंगे बेनकाब!