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नालंदा : नालंदा जिले के भैरव बीघा पंचायत स्थित वार्ड 6 के कोरी टोला में तीन महीनों से नल-जल योजना ठप है। पानी की कमी से ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं, अन्यथा सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।
नल-जल योजना की असफलता: 3 महीने से पानी की आपूर्ति ठप : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई हर घर नल का जल योजना का जमीनी सच नालंदा जिले के कोरी टोला में बिल्कुल अलग नजर आता है। यहाँ पिछले तीन महीने से नल और बोरिंग की मोटर बंद पड़ी है, जिससे पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। इस समस्या ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है।
पानी की कमी से शादी की तैयारियाँ ठप : कोरी टोला की निवासी रीता देवी की बेटी की शादी 7 मई को तय है, लेकिन घर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा, “शादी की तैयारियाँ पूरी नहीं हो पा रही हैं, मेहमानों के लिए खाना कैसे बनेगा, साफ-सफाई कैसे होगी?” रीता देवी की आवाज़ में सिस्टम की नाकामी साफ सुनाई देती है।
ग्रामीणों को दूसरे गांव से पानी लाने की मजबूरी : ग्रामीणों को पानी लाने के लिए अब दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है, और इस दौरान उन्हें ताने भी सुनने पड़ते हैं। आकाश कुमार ने कहा, “पानी मांगने पर लोग कहते हैं कि अपने गांव में पानी क्यों नहीं है? अब 10 दिन से नहाया भी नहीं हूं, क्या इस तरह से स्वच्छता आएगी?
किसान बेहाल, जानवर प्यासे : गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हो रहे हैं। खेतों की मिट्टी सूख चुकी है, फसलें बर्बाद हो रही हैं, और पालतू जानवर प्यास से बेहाल हैं। एक किसान ने कहा, “खेती चौपट हो गई, अब पीने का पानी भी नहीं है। सरकार ने सिर्फ वादे किए, कोई समाधान नहीं।”
ग्रामीणों की रोज़ी पर असर, मजदूरी करना मुश्किल पानी लाने के चक्कर में ग्रामीणों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा है। नीतीश कुमार नामक एक ग्रामीण ने कहा, “पूरा दिन पानी ढोने में निकल जाता है, अब क्या काम करें और क्या खाएं?”
48 घंटे में समाधान न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी सात निश्चय योजना के तहत हर घर को जल देने का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत पूरी तरह अलग है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है, “अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हम प्रदर्शन करेंगे। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”
वार्ड सदस्य और अधिकारियों पर गंभीर आरोप वार्ड 6 के सदस्य बिजेंद्र राम ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी और मुखिया प्रतिनिधि मिलकर इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरी कोई सुनवाई नहीं होती, नल-जल योजना पूरी तरह फेल हो गई है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।”
अधिकारियों का बयान: जल्द समाधान की बात सात निश्चय योजना के पीएचईडी अधिकारी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें आवेदन मिला था, कंपनी को निर्देश भी दिए गए थे। अब हम फिर से कंपनी को निर्देश देंगे और जल्द समाधान की कोशिश करेंगे।”
नल-जल योजना और कोरी टोला की सच्चाई: सरकारी वादों की पोल खुली : जहाँ सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत हर घर को जल, स्वच्छता और राहत देने का वादा किया था, वहीं कोरी टोला में पानी की किल्लत ने ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला सड़कों पर आ सकता है, जैसा कि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है।