सिटी पोस्ट लाइव : भारत के पाकिस्तान पर हमले के बाद चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने कहा है कि इस हमले में संगठन के मुखिया मसूद अज़हर के परिवार के दस सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं. मृतकों में मसूद अज़हर की बड़ी बहन और बहनोई, भांजे की पत्नी और भांजी के अलावा पांच बच्चे शामिल हैं. पाकिस्तान के बहावलपुर में सुभान अल्लाह मस्जिद पर हमले में मसूद अज़हर के रिश्तेदारों की मौत हुई है.भारत के गृह मंत्रालय की ओर से सात मार्च 2024 को जारी मोस्ट वॉन्टेड लोगों की सूची में 57 साल के मसूद अज़हर का नाम नंबर 1 पर है.
भारत के ख़िलाफ़ मसूद के अपराध की लंबी चौड़ी सूची है और कई मामलों में अभियुक्त के तौर पर उनका नाम है.इन मामलों में एक अक्तूबर, 2001 को श्रीनगर में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य विधानसभा कॉम्प्लेक्स पर हमला भी शामिल है, जिसमें 38 लोगों की मौत हुई थी.इसके बाद 12 दिसंबर, 2001 को भारत की संसद पर आतंकी हमले में भी अज़हर का नाम है. इस हमले में सुरक्षा बल के छह जवान और तीन अन्य लोगों की मौत हुई थी.मसूद अज़हर पर ही पुलवामा हमले का आरोप भी है, जिसमें सुरक्षा बल के 40 जवानों की मौत हुई थी.
वैसे मौलाना मसूद अज़हर की सबसे ज़्यादा चर्चा कंधार हाईजैक के दौरान हुई थी. 1999 में कंधार हाईजैक के दौरान जिन तीन चरमपंथियों को रिहा करने की डिमांड की गई थी, उनमें मसूद अज़हर का नाम शामिल था.भारत सरकार के तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह मसूद अज़हर को विशेष विमान से लेकर कंधार गए थे और उसके बाद से ही मसूद अज़हर की तलाश भारत की सुरक्षा एजेंसियों को रही है.मसूद अज़हर की पहचान भारत में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना की है. इसकी स्थापना मसूद अज़हर ने भारत से रिहाई के बाद की थी.
भारत सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि इस संगठन का मुख्यालय पाकिस्तानी पंजाब के बहावलपुर में है.यह भी एक वजह मानी जा रही है, जिसके कारण भारत ने पहली बार पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर अंदर जाकर हमला किया है.भारत कई बार पाकिस्तान से मसूद अज़हर को भारत के हवाले करने के लिए कह चुका है लेकिन पाकिस्तान ने कई बार यह दोहरा चुका है कि अज़हर पाकिस्तान में मौजूद नहीं है.